आखिर अमर सिंह से इतनी नफरत क्यों करते हैं अखिलेश?

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सपा में बाप-बेटे की लड़ाई सबके सामने आ गई है। बाप ने बेटे के बजाए भाई को चुना। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने भरी सभा में भाई के लिए बेटे अखिलेश यादव को फटकार लगा दी। पराए के लिए अपने को छोड़ने तक की धमकी दे डाली। ऐसे में ये जानना बेहद अहम हो जाता है कि आखिर बाप-बेटे के बीच आए इस अमर प्रेम की वजह क्या है? क्यों अखिलेश मुलायम के इस अमर प्रेम को नहीं समझ पा रहे हैं? क्यों अमर के लिए बाप-बेटे के बीच का प्रेम विवाद में बदल गया।

आज एक बार फिर से मुलायम ने भरी सभा में अपनी दोस्ती निभाई। अमर सिंह के प्रति अपनी वफादारी साबित की। उन्होंने कहा कि अमर सिंह मेरे दोस्त, मेरे भाई हैं इसलिए मैं उनके खिलाफ एक शब्द भी नहीं सुन सकता हूं।

ऐसे में हम आपको बताते है अखिलेश के दिल में पनप रहे अमर के लिए नफरत की असली वजह क्या हैं। कहानी 30-35 साल पुरानी है। ये 1982 में शुरु हुई थी, जब मुलायम और साधना दोस्त बने थे। उस वक्त मुलायम सिंह यादव यूपी की राजनीति में बहुत बड़ा नाम बनकर उभरे थे। वो लोकदल के अध्यक्ष बने और पार्टी की युवा पदाधिकारी साधना गुप्ता से उनकी दोस्ती हुई और उनके प्रति वे आकर्षित होने लगे। हालांकि साधना भी मुलायम की तरह शादीशुदा थी। उनकी शादी फर्रुखाबाद जिले के छोटे से व्यापारी चुंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी।

मुलायम से दोस्ती के कुछ दिन बाद ही साधना की शादी टूट गई। कई लोग तो ये भी कहते है कि उनकी शादी टूटने की वजह भी मुलायम ही थे। शादी टूटने के बाद दोनों की नज़दीकी और बढ़ने लगी। लोग दबी जुबान में बातें करने लगे। साल 1988 में प्रतीक के जन्म के बाद मुलायम के परिवार में तनातनी शुरु हो गई। अखिलेश की मां और मुलायम की पहली पत्नी मालती सिंह तनाव में रहने लगी। हालांकि उन्होंने कभी भी साधना और मुलायम के संबंध को लेकर विरोध नहीं किया, लेकिन अखिलेश अपनी मां का हक छीने जाने को लेकर साधना गुप्ता से नाराज रहने लगे।

साल 1996 में अमर सिंह और मुलायम की करीबी हुई। एक-दूसरे की सहमति के बिना कोई फैसला नहीं लेते थे। साल 2003 में अखिलेश की मां की मौत के बाद साधना गुप्ता मुलायम सिंह के परिवार में घुसने की कोशिश करने लगी। साधना पहले से ही अमर सिंह और शिवपाल यादव के करीब थीं। साल 2007 में साधना ने अमर सिंह की मदद से अपने मकसद में कामियाबी पा ली। अमर सिंह ने सार्वजनिक मंच पर मुलायम को साधना को अपनी पत्नी मानने को कहा और मुलायम ने उनकी बात मान ली। अमर सिंह के इसी कदम ने उन्हें अखिलेश का सबसे बड़ा दुश्मन बना दिया।