रौबदार-खनकदार आवाज के जादूगर और बेहतरीन अभिनेता ओमपुरी को श्रद्धांजलि

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ओम पुरी नहीं रहे। रंगमंच, मुंबईया सिनेमा से लेकर हॉलीवुड तक अपनी अलग छाप छोड़ने वाले देश के बेहतरीन अभिनेता ओमपुरी ने आज सुबह अंतिम सांस ली। दिल का दौरा पड़ने की वजह से 66 साल के ओमपुरी का निधन हो गया। ओम पुरी भारतीय सिनेमा में उन चंद कलाकारों में से थे जिन्होंने समानान्तर सिनेमा से लेकर व्यावसायिक फिल्मों तक अपनी छाप छोड़ी।

अर्धसत्य का ईमानदार पुलिसवाला हो, नरसिम्हा का खलनायक बापजी हो, हेरा-फेरी का खड़क सिंह, मालामाल वीकली का किरदार बलवंत या फिर द्रोहकाल का पुलिस अधिकारी अभय सिंह । ओमपुरी ने अपने अभिनय से सबको चौंकाया। अपने समकालीन अभिनेताओं में नसीरुद्दीन शाह और परेश रावल सरीके अभिनेताओं को हमेशा चुनौती देते रहे। मशहूर अभिनेता अमरीश पुरी से ओमपुरी की खूब छनती थी और दोनों ने कई फिल्में साथ साथ कीं। साधारण चेहरे के बावजूद अपनी खनकदार- रौबदार आवाज और जबरदस्त डॉयलॉग डिलिवरी के लिए जाने जाते थे।

ओमपुरी के अभिनय का सफर 

1976 में आई उनकी पहली फिल्म ‘घासीराम कोतवाल’ थी जो मराठी फिल्म थी। अमरीश पुरी, स्मिता पाटिल, नसीर और शबाना आजमी के साथ मिलकर उनके कई यादगार फिल्में दीं।

  • 1980 में ओमपुरी की फिल्में भावनी भवई और आक्रोश ने तहलका मचा दिया
  • 1981 में सद् गति
  • 1982 में अर्धसत्य और डिस्को डांसर
  • 1986 में आई मिर्च मसाला और
  • 1992 की धारावी से ओमपुरी को जबरदस्त शोहरत मिली

सनी देओल के साथ घायल औऱ 1996 में गुलजार की माचिस में उन्होंने सिख आतंकवादी का किरदार भी निभाया। ‘आधों को 47 ने लील लिया और आधों को 84 ने’ ‘माचिस’ में बोला गया यह उनका डायलॉग काफी कुछ कहता है। ‘जाने भी दो यारो’, ‘चाची 420’, ‘हेरा-फेरी’, ‘मालामाल वीकली’, ‘सिंग इज किंग’, ‘बिल्लू’ में पुरी कॉमिक रोल में नजर आए। कुंडली बताने वाले पंडित पुलिसवाला का किरदार आपको याद ही होगा, विशाल भारद्वाज की ‘मकबूल’ में नसीरुद्दीन शाह के साथ ओमपुरी एक ऐसे ही किरदार में दिखे थे।

  •  ओम पुरी ने सीरियल ‘भारत एक खोज’, ‘कक्काजी कहिन’, ‘सी हॉक्स’, ‘अंतराल’, ‘मि. योगी’, ‘तमस’ और ‘यात्रा’ में भी काम किया।

ओम पुरी के निधन के बाद किसने क्या कहा

  •  शबाना आजमी ने कहा कि उनसे अच्छी दोस्ती थी, उनके साथ कई फिल्मों में काम किया, उनका निधन होना बहुत अफसोस की बात है। 
  • मधुर भंडारकर ने कहा – यकीन नहीं होता कि इतना एक्टिव इंसान इस तरह अचानक चला गया, बहुत दुखद बात है, फिल्म इंडस्ट्री में उनका बहुत कमाल का योगदान रहा है।
  •  डेविड धवन ने उन्हें याद करते हुए कहा- ” बड़ा धक्का लगा उनकी डेथ की न्यूज सुनकर। 1974 में हम रूम मेट रह चुके थे। वो ब्रिलियंट एक्टर थे।
  • रजा मुराद ने कहा- ज्यादा शराब पीने से ओम पुरी की सेहत खराब हो गई थी। बेहद आम शक्ल सूरत होने के बावजूद उन्होंने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया।”
 ओमपुरी के बार कुछ और जानकारी-
हिंदी फिल्मों के अलावा पाकिस्तान और हॉलीवुड की फिल्मों में काम करने वाले ओमपुरी का जन्म 18 अक्टूबर, 1950 को अंबाला में हुआ था। ओमपुरी पंजाबी थे। दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से भी पढ़ाई की। यहां नसीरुद्दीन शाह उनके बैचमेट थे। उसके बाद पुरी पुणे चले गए वहां से फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से ग्रेजुएशन किया। ओमपुरी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ननिहाल पंजाब के पटियाला से की थी । पुणे से निकलने के बाद ओमपुरी ने अपना निजी थिएटर ग्रुप “मजमा” को बनाया था। १९९३ में नंदिता पुरी से शादी और २०१३ में दोनों अलग हो गए।  हालांकि दोनों की मुलाकातें होती रहती थीं और नंदिता ने अपनी बायोग्राफी में ओमपुरी के बारे में कुछ विवादित कहानी भी लिखी थी। उन दोनों का एक बेटा ईशान है।  देश के सामाजिक औऱ राजनीतिक घटनाओँ पर पैनी नजर रखने वाले ओमपुरी अन्ना के आंदोलन के समय मंच पर भी दिखे थे और कई बार उनके बयानों ने राजनीतिक उथलपुथल भी मचाई। सेना को लेकर दिए गये उनके बयान के बाद हंगामा हुआ तो उसकी सफाई देने औऱ उस परिवार से माफी मांगने उनके घर तक पहुंच गये यह उनके बड़प्पन की निशानी दिखाता है।
ओमपुरी को मीडिया सरकार की पूरी टीम की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि
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