टैक्स में मिली राहत से क्या अब ज्यादा लोग होंगे ईमानदार ?

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नोटबंदी के बाद आम बजट का देश की जनता को बेसब्री से इंतजार था। आयकर जमा करने वालों के लिए इस बजट में थोड़ी राहत दी गई है। 130 करोड़ की आबादी में महज 3.70 करोड़ लोग टैक्स भरते हैं। नई टैक्स नीति से सरकार को यह उम्मीद है कि अब आयकर जमा करने वालों की तादाद बढ़ेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट में इनकम टैक्स को घटाने का एलान किया है। पहले ढाई लाख रुपए तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता था। अब आपकी सालाना आय 3 लाख रुपए तक है तो कोई टैक्स नहीं देना होगा। तीन से पांच लाख रुपए की आय पर अब आपको 10%  फीसदी की बजाय उसका आधा महज 5% ही टैक्स देना होगा।

अब तक ये था टैक्स स्लैब

2.5 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं लगता था।
2.5 से 5 लाख रुपए की इनकम पर 10% टैक्स लगता था।
5 से 10 लाख रुपए की इनकम पर 20% टैक्स लगता था।
10 लाख रुपए से ज्यादा की इनकम पर 30% टैक्स लगता था।
इस वित्त वर्ष में यह होगा टैक्स स्लैब
3 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं लगेगा।
3 से 3.5 लाख रुपए की इनकम पर 2500 रुपए टैक्स लगेगा।
3 से 5 लाख रुपए की इनकम पर 5% टैक्स।
5 से 10 लाख रुपए तक 20% टैक्स।
10 लाख रुपए से ज्यादा इनकम पर 30% टैक्स।
लेकिन अतिरिक्त एजुकेशन सेस और स्वच्छता अभियान सेस जारी रहेगा
ज्यादा कमाई पर ज्यादा लगेगा टैक्स
50 लाख से 1 करोड़ रुपए की सालाना आय रखने वालों को 30% टैक्स पर 10% सरचार्ज देना होगा। वहीं, 1 करोड़ से ज्यादा की आय पर 30% टैक्स पर 15% सरचार्ज लगेगा।
संसद में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि देशभर में 76 लाख लोग ही ऐसे हैं जिन्होंने अपनी इनकम 5 लाख रुपए से ज्यादा बताई है। इनमें से भी 56 लाख लोग सैलरीड यानी वेतनभोगी हैं। ऐसे में जहां इतनी बड़ी तादाद में टैक्स चोरी होती हो वहां टैक्स की दरों में इन छूट से कितना असर पड़ेगा इसपर सरकार को नजर रखनी होगी।
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