टॉपर कश्मीरी फौजी को अब मिली धमकी

89
पिछले साल BSF असिस्टेंट कमांडेंट के लिए हुए ऑल इंडिया एग्जाम का टॉपर आपको याद होगा। जी हां वही कश्मीर का नबील वानी जिसने आतंकी बुरहान वानी जैसों की सोच पर करारा तमाचा जड़ा था। एक तरफ जहां अलगाववादी और आतंकवादी बुरहान को कश्मीरी युवाओं का आदर्श बनाने में जुटे थे वहीं नबील ने अपनी धमक से कश्मीरी युवाओं में नया जोश पैदा किया था और देश को बताया था कि कश्मीरी युवाओं का आदर्श बुरहान नहीं नबील है।
बहन के लिए नबील ने मेनका गांधी को लिखा
अब खबर है कि इसी नबील वानी को लगातार आतंकी धमकियां मिल रही है। इतना ही नहीं चंडीगढ़ में रहकर पढ़ाई कर रही उनकी बहन को भी आतंकवादियों ने धमकी दी है। नबील ने वुमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट मिनिस्टर मेनका गांधी को रविवार को एक पत्र लिखा और कहा कि “मेरी बहन चंडीगढ़ से सिविल इंजीनियरिंग कर रही है। वो हॉस्टल में रह रही है, लेकिन कॉलेज प्रशासन उसे कहीं और जाने को कह रहा है। मेरी बहन के लिए हॉस्टल का इंतजाम किया जाए।” नबील ने कहा कि “बहन इस बात को लेकर परेशान है कि कश्मीर होने के नाते उसे कहीं भी जगह नहीं मिलेगी। खासतौर से मेरे बैकग्राउंड को देखते हुए। मैं नहीं चाहता कि पर्सनल मैटर में BSF का इन्वॉल्वमेंट हो।
मंत्रालय ने तुरंत एक्शन लिया
मिनिस्ट्री के एक सीनियर अफस के मुताबिक, “नबील ने 14 मई को मेनका गांधी को लेटर मेल किया था। इसके तुरंत बाद मिनिस्टर ने कॉलेज अथॉरिटीज से बात की, जिन्होंने अब नबील की सिस्टर को हॉस्टल में रुकने की इजाजत दे दी है।’
“नबील ने कहा कि मैं उन सभी कश्मीरियों के लिए परेशान हूं, जो आर्मी या पैरामिलिट्री फोर्सेस में काम कर रहे हैं। हम सभी तमाम विरोधों के बावजूद आर्मी ज्वाइन करते हैं और अब कश्मीर अफसरों को मारने का चलन हो गया है। ऐसे सभी कश्मीरियों के सिर पर तलवार लटकी है। ये बहुत परेशान करने वाली चीज है। “मेरी बहन अब हॉस्टल के रूम में सेफ है। उसके लिए प्रार्थना करिए, वो जम्मू-कश्मीर की पहली ऐसी लड़की बनना चाहती है, जो देश की सेना मेें शामिल होगी।’
छुट्टी पर जाएं तो हथियार ले जाने की इजाजत मिले
नबील ने बताया, “मैंने अपने सीनियर से भी बात की है। मैंने उनसे कहा है कि जब हम लोग छुट्टी पर जाएं तो हमें हथियार साथ ले जाने की इजाजत दी जानी चाहिए। खासतौर से आतंकवाद से प्रभावित इलाकों में और हमारा ट्रैवल प्लान भी सुरक्षित होना चाहिए।”
लेफ्टिनेंट उमर के मर्डर के बाद परिवार की फिक्र है
“मैं अगले दो महीने में अपने चचेरे भाई की शादी में जाऊंगा। मेरे जैसे लोग और हमारे परिवार को आतंकवादियों से खतरा रहता है। लेफ्टिनेंट उमर फयाज की हत्या के बाद मैं अपनी फैमिली की सिक्युरिटी को लेकर डरा हुआ हूं। मेरी मां जम्मू में अकेली रहती है और मेरी बहन चंडीगढ़ में। मैं परेशान हूं। खासतौर से तब, जब आतंकवादी हमारे परिवारों को निशाना बना रहे हैं।”
SHARE