कठपुतली से मदारी बनते पन्नीरसेल्वम

जयललिता के निधन के बाद से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आखिर उनकी तरह कौन होगा जो पार्टी को संभाल सके, जो नेताओं को भी खुश रख सके और जनता को भी। शुरु में लगा कि पन्नीरसेल्वम मुख्यमंत्री बने रहेंगे और शशिकला पार्टी मुखिया। लेकिन शशिकला की महत्वाकांक्षा ने मामला उलझा दिया।

अब तमिलनाडु के कार्यवाहक सीएम ओ पन्नीरसेल्वम का कद रोजाना बढ़ता जा रहा है। एक ओर पन्नीरसेल्वम को समर्थन देने वालों में रोज नए बड़े नाम जुड़ रहे हैं, वहीं शशिकला कैंप अभी भी गवर्नर के सरकार बनाने के बुलावे के इंतजार में है। पन्नीरसेल्वम को 3 और सांसदों ने समर्थन दिया। साथ ही अभिनेता और पूर्व सासंद रामाराजन ने भी पन्नीरसेल्वम की तारीफ करते हुए कहा कि वह एमजीआर के राह पर चल रहे हैं।पहले पन्नीरसेल्वम के इस्तीफे ने उन्हें एक कठपुतली मुख्यमंत्री का ठप्पा दे दिया। हालांकि तुरंत ही ‘कठपुतली सीएम’ की छवि से निकल पन्नीरसेल्वम ने बगावत का बिगुल फूंक डाला।

रविवार को पार्टी सांसद बी. सेंगुत्तुवन, जयसिंह त्यागराज नटर्जी और आरपी मरथुराजा पन्नीरसेल्वम के आवास पहुंचे। पार्टी कार्यकर्ताओं और सांसदों ने पन्नीरसेल्वम के आवास पर उनका सम्मानित किया वहीं शशिकला समर्थकों ने पन्नीरसेल्वम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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