अनुरंजन बनाम अभिरंजन : पटना हाई कोर्ट से लगातार क्यों आ रहे हैं ग़लत फ़ैसले?

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सुप्रीम कोर्ट ने गया रोडरेज केस के मुख्य आरोपी रॉकी यादव की ज़मानत आज रद्द कर दी। उसे पटना हाई कोर्ट ने कुछ दिन पहले ज़मानत दे दी थी। ज़ाहिर है, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पटना हाई कोर्ट का फैसला स्वतः ही गलत साबित हो गया। और यह पहला मामला नहीं है, जब पटना हाई कोर्ट से किसी जघन्य मामले के आरोपी को ज़मानत मिली हो और सुप्रीम कोर्ट में जाकर ख़ारिज हो गई हो। इससे पहले तेजाब कांड के आरोपी बाहुबली नेता शहाबुद्दीन को भी पटना हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसकी ज़मानत तुरंत रद्द करने का आदेश दिया था।

सवाल है कि बिहार में यह क्या हो रहा है और पटना हाई कोर्ट से लगताार ऐसे फैसले क्यों आ रहे हैं, जिनसे आम जनता की न्याय की उम्मीदों को आघात पहुंचता है, जिनसे आम लोगों का यह शक पुख्ता होता है कि बिहार की परिधि में उन्हें न्याय नहीं मिल सकता, जिनसे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रभावशाली लोग सरकार, पुलिस, जांच एजेंसियों, अदालती फै़सलों- सबको मैनेज कर ले सकते हैं? सवाल है कि इस लोकतंत्र में अगर सबकी जवाबदेही तय होनी चाहिए, तो न्यायपालिका और न्यायाधीशों की जवाबदेही भी क्यो तय नहीं होनी चाहिए?

ऐसे ही तमाम सवालों को लेकर मीडिया सरकार के सीईओ अनुरंजन झा और वरिष्ठ पत्रकार अभिरंजन कुमार के बीच यह बेबाक बातचीत हुई। देखिए आज का अनुरंजन बनाम अभिरंजन।