ब्लैकमेल कर रही थी लड़की, ASP ने गोली मार कर खुदकुशी की

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ATS में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने कार में एक लड़की को गोली मारने के बाद खुदकुशी कर ली। कार में एएसपी आशीष प्रभाकर ने एक नहीं दो सुसाइड नोट छोड़े हैं। एक पुलिस के लिए और दूसरा अपने परिवार के लिए। इन सुसाइट नोट्स में लिखा है कि मारी गई लड़की “पूनम कोचिंग के बहाने अफसरों को अपने प्यार में फंसाती थी, फिर उन्हें ब्लैकमेल करती थी। मुझे भी वह चार साल से ब्लैकमेल कर रही थी। वह आरएएस की कोचिंग के बहाने मेरे संपर्क में आई। यह लड़की”पूनम अपने प्यार के जाल में अधिकारियों को फंसाती आैर फिर ब्लैकमेल करती थी। इसलिए मैं उसे सजा देना चाहता था। वह मुझे ही नहीं और अधिकारियों को भी अपने प्यार में फंसाती और ब्लैकमेल करती। मैं अपने परिवार से प्यार करता हूं। मैं अपने बच्चों से प्यार करता हूं। मैं सबके लिए कुछ करना चाहता था।

आशीष ने जिस महिला मित्र पूनम की गोली मारकर हत्या की, वह अलवर के राजगढ़ की रहने वाली है। आशीष ने जयपुर में कोचिंग इंस्टीट्यूट खोला था। यहीं पूनम उनके कॉन्टैक्ट में आई। फिलहाल पुलिस अभी इस लड़की के बारे में कुछ नहीं बता रही है। आशीष की पत्नी अनीता जयपुर में मायके में रह रही थीं। प्रभाकर को अजमेरी गेट के पास पुलिस क्वार्टर मिला हुआ था। आशीष मूलत: अजमेर में अलवरगेट के रहने वाले थे। वे अजमेर के नामी साहित्यकार व समाजसेवी प्रफुल्ल पटेल के बेटे हैं।  आशीष की दो बहने हैं। एक बहन का जयपुर में तो एक का ग्वालियर में ससुराल है। आशीष ने सेंट एंसलम से स्कूलिंग करने के बाद डीएवी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद एक साल अखबार में बतौर ट्रेनी नौकरी भी की। इसके बाद उनका राजस्थान पुलिस सर्विस (आरपीएस) में सिलेक्शन हो गया। आशीष काम के प्रति काफी ईमानदार थे। वे शर्मीले और सीधे-सादे माने जाते थे।

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