बिजली विभाग की लापरवाही से बर्बाद हो गया एक परिवार,पत्नी के काटने पड़े दोनों हाथ

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गाजियाबाद। बिजली विभाग की लापरवाही और बिल्डर की अनदेखी की वजह से एक पूरा परिवार बिखर गया है। महिला के दोनों हाथ काटने पड़े है। पैर बुरी तरह से झुलस गए हैं। परिवार समझ नहीं पा रहा है कि उनका क्या होगा? जो पत्नी घर और बच्चों को संभालती थी अब उसे कौन संभालेगा?
मामला लोनी डीएलएफ अंकुर विहार C ब्लॉक का है, जहां विनय कुमार सपरिवार पहली मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट में रहते है उनके फ्लैट के ठीक सामने से 11Kv की विद्युत लाइन बिना ढकी गुजर रही थी।
उनके फ्लैट के ठीक सामने वाले फ्लैट में बिल्डर द्वारा दीवार पर टाइल लगाने का काम चल रहा था। इसके लिए वहीं स्ट्रक्चर खड़ी कर रखी थी। विनय कुमार की पत्नी नीलम सुबह करीब 8.00 बजे अपनी बालकनी में कपड़े सुखाने आई तो अचानक स्ट्रक्चर से होकर उनकी बालकनी तक 11kv के करंट पहुंच गया और महिला इस करंट के चपेट में आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाई वोल्टेज करंट की वजह से उनके दोनों हाथ व पैर बुरी तरह जल गए थे । पति ने किसी तरह से लकड़ी की मदद से उन्हें छुड़ाया और इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया, जहाँ इलाज के दौरान उनके दोनों हाथ काटने पड़े और एक पैर अभी भी बुरी तरह जख्मी है।
27 अप्रैल को हुई इस घटना के बाद पीड़िता के पति ने इस घटना की शिकायत 23-05-17 को लोनी थाने में दर्ज कराई जिस पर उच्च अधिकारियों की ओर से संज्ञान लेने के बाद 03-06-17 को बिल्डर व विद्युत विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
आपको बता दें कि इससे पहले भी उसी साइट पर काम करने वाले मजदूर की उन्ही तारों से करन्ट लगने के कारण मौत हो गई थी, लेकिन इस मामले को बिल्डर व अन्य कुछ स्थानीय लोगों द्वारा दबा दिया गया था। अगर उसी वक्त मामले की ठीक से जांच की जाती तो आज एक परिवार बर्बाद न होता। एक महिला विकलांग न होती। 

 

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