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पेशावर : तालिबान के सुप्रीम कमांडर मुल्ला उमर के मौत की पुष्टि के बाद तालिबान ने डिप्टी कमांडर मुल्लाह अख्तर मोहम्मद मंसूर को अपना नया सुप्रीम नेता चुना है। तालिबान के दो कमांडरों ने मंसूर के नेता चुने जाने की पुष्टि की है। उधर पाकिस्तान में अफगानिस्तान सरकार और तालिबान के प्रतिनिधियों के बीच चल रही शांति वार्ता को मुल्ला उमर के मौत के बाद स्थगित कर दिया गया है।

काबुल में पाकिस्तान की ओर से दिए गए बयान में शांति वार्ता को स्थगित होने के पीछे मुल्ला उमर की मौत को वजह बताया गया है जिसमें ये आशंका जताई गई है कि तालिबान में शीर्ष नेता को चुनने के लिए खूनी संघर्ष शुरू हो सकता है। 

उधर तालिबान के सर्वोच्च प्रतिनिधियों की बैठक शुरा में शिरकत कर रहे कुछ प्रतिनिधियों के हवाले से ये खबर आई है कि पाकिस्तान के क्वेटा में मौजुद तालिबान के शीर्ष प्रतिनिधियों ने शुरा की बैठक बुलाकर मुल्लाह अख्तर मोहम्मद मंसूर को अपना नया सुप्रीम कमांडर चुन लिया है। बुधवार की रात शुरा की बैठक के बाद बैठक में मौजुद एक प्रतिनिधि ने बताया कि क्वेटा के बाहर हुई शुरा में सर्वसम्मति से मुल्लाह मंसूर को तालिबान का नया आमिर चुना गया। इस आशय का बयान जल्द ही शुरा जारी करेगी। प्रतिनिधि के मुताबिक तालिबान के हक्कानी धड़े के नेता सिराज़ हक्कानी को मंसूर की जगह डिप्टी लीडर चुना गया है।

काठमांडू : इस बार नेपाल में प्राकृति का कहर बरपा है। नेपाल में भारी बारिश के बाद भूस्खलन में 20 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 42 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस भूस्खलन से पोखरा के पास के दो गांव प्रभावित हुए हैं। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक यहां कम से कम 22 घर तबाह हो गए।

नेपाल सरकार ने आशंका जताई है कि कुछ महीने पहले हुए दो विनाशकारी भूकंप के कारण मॉनसून सीजन में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। नेपाल में विनाशकारी भूकंप ने 9,000 लोगों की जान ले ली थी।

भूस्खलन वाले इलाके पहाड़ी होने के कारण बचान कार्य में भी काफी दिक्कते आ रही है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार भारी बारिश के कारण इन गांवों को जोड़ने वाले पुल के बह जाने के कारण भी लोगों की जान गई है.

त्रिपोली: लीबिया की राजधानी त्रिपोली की एक अदालत ने तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के पुत्र सैफ अल इस्लाम और उसके आठ वफादार अफसरों को वर्ष 2011 की जनक्रांति को कुचलने के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। सैफ पर 2011 में हुए जनक्रांति के वक्त पिता की सत्ता बचाने के लिए सैकड़ों की हत्या कराने, नरसंहार को भड़काने, दुष्कर्म जैसे संगीन आरोप हैं। अदालत ने सैफ और अन्य आरोपियों को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतारने का आदेश दिया है। हालांकि आरोपियों के पास अभी उच्च अदालत जाने का विकल्प है। मौत की सजा पाने वालों में गद्दाफी के पूर्व खुफिया प्रमुख अब्दुल्ला अल सेनुसी, पूर्व प्रधानमंत्री बगदादी अल महमूदी भी शामिल हैं। आठ अन्य अधिकारियों को उम्रकैद और सात को 12-12 साल कैद की सजा दी गई है। जबकि चार को बरी कर दिया गया है।

वर्ष 2011 में तानाशाह मुहम्मर गद्दाफी के खिलाफ सत्ता परिवर्तन के लिए जनक्रांति हुई थी। इस क्रांति को कुचलने के लिए गद्दाफी सारी हदे पार कर चुका था। लेकिन फिर भी अपनी सत्ता को बचा नहीं सका। इस दौरान गद्दाफी की हत्या भी कर दी गई।

गौरतलब है कि गद्दाफी के मारे जाने के बाद लीबिया की सत्ता पाने के लिए कई जातीय संगठन संघर्ष कर रहे हैं। सैफ नवंबर 2011 से जिस विद्रोही संगठन के कब्जे में है, वह अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त और निर्वाचित सरकार के प्रति वफादार है। पिछले साल अगस्त में इस्लामिक सशस्त्र गुट के राजधानी त्रिपोली में कब्जा जमाने के बाद अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के प्रतिनिधि देश के पूर्वी क्षेत्र की ओर भाग गए। संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया के सभी गुटों से सुलह कर एक सरकार बनाने का न्योता दिया है, 11 जुलाई को मोरक्को में कई जातीय संगठनों ने यह प्रस्ताव स्वीकार किया है।

काठमांडू: नेपाल में सभी राजनीतिक दलों के बीच नए संविधान से ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द हटाने पर सहमति बनने के बाद नेपाल के एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान को वापस कायम करते हुए 'हिंदू' राष्ट्र बनने का रास्ता साफ हो गया है। नेपाल की राजनीतिक पार्टियों ने नए संविधान से 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द हटाने पर सहमति बना ली है। दरअसल नए संविधान पर मिली लाखों लोगों की प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक पार्टियों ने धर्मनिरपेक्ष शब्द हाटने का फैसला किया। संविधान सभा के मुताबिक, अधिकांश लोग धर्मनिरपेक्ष की जगह 'हिंदू' तथा 'धार्मिक आजादी' शब्द संविधान में शामिल कराना चाहते हैं।

यूसीपीएन-माओवादी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल उर्फ प्रचंड ने भी सोमवार को मीडिया से कहा कि धर्मनिरपेक्ष शब्द इसमें फिट नहीं बैठता। इसलिए हम इसकी जगह दूसरा शब्द जोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, इस शब्द ने लोगों को परेशान किया है। इसने लाखों लोगों की भावना को आहत किया है। हमें लोगों के फैसले का आदर करना चाहिए। वहीं, नेपाली कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनिफाइड मार्क्सस्टि लेनिनिस्ट और मधेशी पार्टियों ने भी संविधान से धर्मनिरपेक्ष शब्द हटाने पर सहमति जताई है। पार्टियों के मुताबिक नेपाल में जल्द नए संविधान की घोषणा की जाएगी।

गौरतलब है कि नेपाल के यूनीफाइड कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-माओवादी (यूसीपीएन-एम)ने राजशाही के खिलाफ दशकों लंबे चले हिंसक संघर्ष के बाद राजनीति की मुख्य धारा से जुड़ी थी। उसके दवाब में 2007 में देश को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किया गया था। इस फैसले ने नेपाल के सदियों पुराने हिंदू साम्राज्य होने की पहचान को समाप्त कर दिया था। नेपाल में 80 फीसदी जनसंख्या हिंदू है।

नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर पूरे देश में अभियान चल रहा था। इसकी अगुवाई राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी नेपाल के नेतृत्व में कमल थापा कर रहे थे। हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन भी हो रहे थे।

काबुल: उत्तर अफगानिस्तान के बगलान प्रांत में आयोजित एक शादी समारोह में हुई गोलीबारी में 21 लोग मारे गए हैं और 10 अन्य घायल हो गए हैं। गवर्नर जावेद बशारत ने कहा कि रविवार देर रात अंदराब जिले में आयोजित एक शादी समारोह में शिरकत कर रहे दो समूहों के बीच गोलीबारी हुई जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मरने वालों में अधिकतर लोग शादी समारोह के मेहमान थे और उनकी उम्र 14 से 60 साल के बीच थी।

बगलान और उत्तर के अन्य प्रांत तालिबान का तख़्ता पलट करने के लिए साल 2001 में अमेरिका द्वारा किए गए हमले के बाद से उग्रवादियों के निशाने पर रहे हैं। हालांकि युद्ध का इस्तेमाल अक्सर किसी आपराधिक गतिविधि और निजी झगड़ों को छिपाने के लिए किया जाता है। अंदराब के पुलिस प्रमुख कर्नल गुलिस्तान कसानी ने कहा कि गोलीबारी में संलिप्त दो समूहों के बीच की दुश्मनी कई साल से चल रही थी। कसानी ने कहा, ‘यह झगड़ा उस समय शुरू हुआ, जब प्रांतीय पुलिस अधिकारी के एक संबंधी की विवाह समारोह के दौरान हत्या कर दी गई थी।’ उन्होंने कहा कि स्थानीय मुल्ला के बेटे के विवाह में एक निजी सदन में लगभग 400 लोग जमा हुए थे। कसानी ने कहा, ‘जब हमने शव इकट्टठा किए तो यह पता लगाना मुश्किल था कि किसने गोलीबारी की और किसने नहीं, क्योंकि मुझे कोई हथियार नहीं मिला।’

सऊदी अरब के नेतृत्व वाले बहुराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन ने यमन में रविवार मध्य रात्री से पांच दिनों के युद्ध विराम की घोषणा की है। इस युद्ध विराम का मकसद है कि राहत एजेंसियां आम नागरिकों तक जरूरी राहत और मदद पहुंचा सकें। बहुराष्ट्रीय गठबंधन ने शनिवार को इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि संघर्ष विराम के दौरान हौती विद्रोहियों की ओर से सैन्य हरकत होने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। संघर्षविराम की ये घोषणा ताइज़ सूबे में हवाई हमलों के बाद हुई है जहां आम नागरिकों समेत 120 लोगों के मारे जाने की खबर है।

सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार यमन के भगोड़े राष्ट्रपति अब्दुर्रब्बुह मंसूर हादी ने यमन में युद्ध विराम का दावा किया है। ये अप्रत्याशित युद्ध विराम तब हुआ जब यमन के भगोड़े राष्ट्रपति मंसूर हादी ने सऊदी अरब के नए शाह सलमान से इसके लिए पत्र भेजा और आग्रह किया। इस पत्र में राष्ट्रपति मंसूर हादी को आशा है कि यमन में सबसे बड़ी सहयाता प्राप्त करने के लिये यह युद्ध विराम यमन के स्थानीय समय के अनुसार 26 जुलाई की रात 11 बजकर 59 मिनट पर आरंभ होगा और पांच दिनों तक जारी रहेगा। लेकिन अगर युद्ध विराम के दौरान बहुराष्ट्रीय गठबंधन को हूती सशस्त्र और पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के वफादार सैनिकों द्वारा हमला किया जाए तो बहुराष्ट्रीय गठबंधन जवाबी हमला करेंगे।

वर्ष 2014 सितंबर में हूती गुट ने यमन की राजधानी सनआ शहर पर कब्जा किया था। वर्ष 2015 जनवरी से हूती गुट ने यमन के राष्ट्रपति मंसूर हादी और यमनी मंत्रीमंडल के सदस्यों की नजरबंदी की थी। सना छोड़कर यमन के दूसरे सबसे बड़े शहर अदन पहुंचने वाले राष्ट्रपति मंसूर हादी ने 21 सितंबर को घोषणा की थी कि अदन यमन की अंतरिम राजधानी बना है। बाद में हूती गुट की धमकियों के कारण मंसूर हादी और अपनी सरकार सऊदी अरब तक भाग गए। इस 26 मार्च को सऊदी अरब समेत अधिक देशों ने हूती गुट पर हवाई हमले किये।

यमन में पिछले साल से छिड़ी लड़ाई में अब तक कम से कम सत्रह सौ नागरिक मारे जा चुके हैं जबकि चार हजार से भी अधिक घायल हैं।

इस्लामाबाद : पाकिस्तान ने गुरूदासपुर आतंकी हमले में शामिल आतंकियों के पाकिस्तान से आने के भारत के दावे को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि भारत को उंगली उठाने से पहले ठोस सबूत साझा करने चाहिए। पाकिस्तान ने इस तरह के ‘भड़काउ’ बयान को क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताया हैं।

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता काजी खलीलुल्ला ने यहां संवाददाताओं से कहा, पाकिस्तान सरकार भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह की ओर से आज संसद में लगाये गये बेबुनियाद आरोपों को साफ तौर पर खारिज करती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस ‘अप्रमाणित’ दावे पर अफसोस है कि 27 जुलाई की गुरदासपुर की घटना में शामिल लोग पाकिस्तान से भारत गये थे।

खलीलुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान का मानना है कि भारतीय गृहमंत्री के बयान भड़काउ हैं और क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उनके बयान से कुछ घंटे पहले ही राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में दिये बयान में गुरदासपुर हमलों को पाकिस्तान से जोड़ते हुए कहा कि तीनों आतंकवादी हमले को अंजाम देने के लिए वहां से आये थे। सिंह ने जीपीएस डाटा से मिले संकेतों का हवाला देते हुए कहा कि गुरदासपुर में हमला करने वाले आतंकवादी रावी नदी के जरिये पाकिस्तान से आये थे।

गत 27 जुलाई को लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य माने जा रहे तीन फिदायीन लोगों ने गुरदासपुर में एक बस में बैठे यात्रियों पर हमला किया और एक थाने में घुसकर गोली चलाईं। हमले में एक एसपी समेत सात लोगों की मौत हो गयी। बाद में दिनभर चले अभियान में सुरक्षा बलों ने तीनों आतंकवादियों को ढेर कर दिया।

प्रवक्ता ने कहा, हमने भारत में किसी भी आतंकवादी घटना के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने की भारत की सतत प्रवृत्ति पर चिंता के साथ संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि बिना जांच के उंगली उठाना सही नहीं है। खलीलुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान ने गुरदासपुर में आतंकवादी हमले के फौरन बाद हमले की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की थी। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के साथ जब मुठभेड़ जारी थी तभी भारतीय मीडिया में गुरदासपुर घटना के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया गया था।

प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद की सभी स्वरूपों में निंदा करता है। उन्होंने कहा, हमने कई बार कहा है कि आतंकवाद हमारा साझा दुश्मन है और इस समस्या से निपटने के लिए आरोप-प्रत्यारोप से ज्यादा जरूरी सहयोगात्मक सोच है। उन्होंने कहा, हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि बेबुनियाद आरोप लगाने से बचें और क्षेत्र से आतंकवाद को समाप्त करने तथा दक्षिण एशिया में शांति और अमन का माहौल बनाने के लिए पाकिस्तान के साथ काम करें। अगर भारत सरकार के पास मामले में कोई ठोस सबूत है तो उसे पाकिस्तान सरकार के साथ साझा किया जा सकता है।

जम्मू : पाकिस्तान सैन्य बलों ने एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले की सीमावर्ती चौकियों को निशाना बनाकर फायरिंग की। हमले में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया है।

एक पुलिस अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास कल रात पाकिस्तानी सैन्य बलों ने हमला किया जिससे सिपाही रचपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया
22 सिख यूनिट के जवान सिंह ने गंभीर रूप से घायल होने के कारण बाद में दम तोड़ दिया। जब यह घटना हुई, उस समय सिंह परविंदर चौकी की सुरक्षा पर तैनात था।

आपको बता दे कि पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग उस वक्त की गई जब भारतीय जवान एलओसी पर गस्त लगा रहे थे।

पाकिस्तान की ओर से की गई इस फायरिंग को भारतीय सेना पाकिस्तान की एक रणनीति के तहत देख रही है क्योंकि इसके पहले सीजफायर के दौरान पहले अंधाधुंध फायरिंग की जाती थी लेकिन इस बार योजना के तहत घात लगाकर ऐसा किया गया है।

पाकिस्तानी सैन्य बलों ने नियंत्रण रेखा के पास इस महीने तीसरी बार निशाना बनाकर हमला किया है।

इससे पहले कश्मीर घाटी में नियंत्रण रेखा पर इसी प्रकार की घटनाओं में बीएसएफ के दो जवान शहीद हुए हैं। घाटी में नियंत्रण रेखा के पास संघर्षविराम उल्लंघन की कल दो अन्य घटनाएं हुई थीं।

श्रीनगर : अमरनाथ को जाने वाले रास्ते पर अनंतनाग जिले में आज ग्रेनेड से हुए धमाके में सीआरपीएफ के चार जवान समेत कुल आठ लोगों के घायल होने की खबर है। हमलावरों ने अनंतनाग-पहलगाम रोड पर इस वारदात को अंजाम दिया, जहां से होकर अमरनाथ यात्री गुजरते हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले के बाद मौके पर सीआरपीएफ और पुलिस के जवान पहुंच कर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। और आतंकियों की तलाश जारी है।

बताया जाता है कि अज्ञात लोगों ने आररोपी (रोड ओपनिंग पार्टी) पर तैनात सुरक्षा बलों की ओर हैंड ग्रेनेड फेंका गया, लेकिन गनीमत रही कि ग्रेनेड सड़क पर ही गिरकर फट गया, हालांकि इस हादसे में सीआरपीएफ के तीन जवान बुरी तरह घायल हो गए हैं। तीनों घायल जवानों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया है। हमलावर फरार होने में कामयाब हो गए हैं।

धमाका क्यों किया गया और किसने किया, इस बाबत कोई जानकारी सामने नहीं आई है। जांच चल रही है, जबकि इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

बता दें कि पंजाब के गुरदासपुर में हुए आतंकी हमले के बाद अमरनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं पर हमले की आशंका व्यक्त की जा रही थी। फिलहाल किसी श्रद्धालु के घायल होने की सूचना नहीं है। अनंतनाग में एक हफ्ते के भीतर यह दूसरा हमला है इससे पहले 25 जुलाई को भी हमलावरों ने ग्रेनेड फेंका था जिसमें एक आईसक्रीम वेंडर की मौत हो गई थी और पांच घायल हो गए थे।

पटना : बिहार में अक्टूबर-नवम्बर में विधानसभा चुनाव होना है। उससे ठीक पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के चार लाख से अधिक नियोजित शिक्षको को 1 जुलाई 2015 के प्रभाव से वेतनमान देने की घोषणा की है। जिससे सूबे के चार लाख से अधिक नियोजित शिक्षकों को वेतनमान के साथ ही आवास और चिकित्सा भत्ता भी मिलेगा। साथ ही दो साल से अधिक सेवा दे चुके शिक्षकों को एक वेतन वृद्धि, जबकि छह साल से अधिक सेवा दे चुके शिक्षकों को दो वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा।

अपनी सरकार का पिछले दस सालों का लेखा जोखा जारी करते हुए मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने सोमवार को ये घोषणा की। सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से नियोजित सभी प्रशिक्षित, अप्रशिक्षित, प्राथमिक, माध्यमिक-उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक एवं पुस्तकालयाध्यक्ष को 01 जुलाई 2015 के प्रभाव से वेतनमान देने का फैसला लिया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी नियोजित शिक्षक, टोला सेवक, शिक्षा स्वयंसेवी, आशा कार्यकर्ता, ममता, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, विद्यालय के रसोईया, अनुबंध पर कार्यरत कनीय सहायक अभियंता एवं चिकित्सक, किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, डाटा इन्ट्री आपरेटर, कार्यपालक सहायक और आईटी मैनेजर की सेवा अवधि के दौरान मृत्यु होने पर उनके निकटतम आश्रितों को चार लाख रूपये की अनुग्रह अनुदान राशि दिये जाने की घोषणा की। उन्होंने शिक्षा स्वयंसेवी के मानदेय में तीन हजार रूपये की वृद्धि किये जाने की भी घोषणा की। श्री कुमार ने कहा कि शिक्षा स्वयंसेवी की सेवा एवं सामाजिक उत्थान से संबंधित कार्यो के लिये 60 वर्ष की आयु तक ली जायेगी।

शिक्षा विभाग ने कैबिनेट को यह प्रस्ताव भेज दिया है। इस सप्ताह इसकी मंजूरी मिलते ही एक जुलाई से शिक्षकों को यह सुविधा मिलने लगेगी। सरकार के इस निर्णय पर लगभग 3000 करोड़ का सालाना बोझ बिहार के खजाने पर बढ़ेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शिक्षकों को वेतनमान देने के लिए 5200-20200 का बेसिक रखा गया है।

ग्रेड पे अलग-अलग है। प्राथमिक शिक्षकों के लिए दो हजार, माध्यमिक के लिए 2400 और उच्चतर माध्यमिक के शिक्षकों का ग्रेड पे 2800 है। शिक्षकों को 113 फीसदी महंगाई भत्ता का लाभ मिलेगा। शिक्षकों को हर महीने 200 रुपए स्वास्थ्य भत्ता और शहरों की श्रेणी के अनुसार पांच से 20 फीसदी के बीच आवास भत्ता भी मिलेगा। पटना में कार्यरत शिक्षकों को 20 फीसदी, जिलों में 15, प्रखंड में 10 या साढ़े सात तो गांवों में पदस्थापित शिक्षकों को पांच फीसदी आवास भत्ता है।

जिन शिक्षकों की सेवा दो साल से अधिक हो गई होगी, उन्हें एक वार्षिक वेतन वृद्धि के तहत तीन फीसदी और छह साल से अधिक सेवा दे चुके शिक्षकों को दो वार्षिक वेतन वृद्धि के तहत छह फीसदी का लाभ मिलेगा। अर्थात अगर प्राथमिक शिक्षक की सेवा दो साल से अधिक हो गई तो उन्हें 5200 बेसिक और दो हजार के ग्रेड पे को जोड़कर तीन फीसदी और छह साल होने पर 5200 और दो हजार को जोड़कर छह फीसदी का लाभ मिलेगा।

यही नियम अन्य कोटि के शिक्षकों पर लागू होगा। अप्रशिक्षित कोटि के शिक्षकों को प्रशिक्षण हासिल करने के बाद ही ग्रेड पे का लाभ मिलेगा। माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक कोटि में अप्रशिक्षित शिक्षकों को विशेष प्रावधान के तहत कम से कम 20 फीसदी वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस फैसले को चुनाव की तैयारी के मद्दे नजर भी देखा जा रहा है। जाहिर है इस फैसले से लगभग 4 लाख लोग प्रभावित होते है। जिससे आने वाले चुनाव में असर जरूर देखने को मिलेगा।

“इससे पहले की सपने सच हो आपको सपने देखने होंगे” 

 

“ सपना वो नहीं है जो आप नींद में देखें, सपने वो है जो आपको नींद ही नहीं आने दे”

 

“इंतज़ार करने वालो को सिर्फ उतना ही मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते है”

 

“एक अच्छी पुस्तक हज़ार दोस्तों के बराबर होती है जबकि एक अच्छा दोस्त एक लाइब्रेरी के बराबर होता है”

 

“जीवन में कठिनाइयाँ हमे बर्बाद करने नहीं आती है, बल्कि यह हमारी छुपी हुई सामर्थ्य और शक्तियों को बाहर निकलने में हमारी मदद करती है, कठिनाइयों को यह जान लेने दो की आप उससे भी ज्यादा कठिन हो”

 

“आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत, असफलता नामक बिमारी को  मारने के लिए सबसे बढ़िया दवाई है। ये आपको एक सफल व्यक्ति बनाती है”

 

“देश का सबसे अच्छा दिमाग, क्लास रूम की आखरी बेंचो पर मिल सकता है”

 

“आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते पर आप अपनी आदते बदल सकते है और निश्चित रूप से आपकी आदते आपका भविष्य बदल देंगी”

 

“अपनी पहली सफलता के बाद विश्राम मत करो क्योकि अगर आप दूसरी बार में असफल हो गए तो बहुत से लोग यह कहने के इंतज़ार में होंगे की आपकी पहली सफलता केवल एक तुक्का थी”

 

“किसकी को हराना बहुत आसान है लेकिन किसी को जितना उससे भी आसान है”

 

“यदि आप अपनी ड्यूटी को सैल्यूट करोगे तो आपको किसी भी व्यक्ति को सैल्यूट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन यदि आप  अपनी ड्यूटी को पोल्यूट करेंगे तो आपको हर किसी को सैल्यूट करना पडेगा”

 

“महान सपने देखने वालो के महान सपने हमेशा पुरे होते है”

 

“जब हमारे सिग्नेचर (हस्ताक्षर), ऑटोग्राफ में बदल जाए तो यह सफलता की निशानी है”

 

“सफलता की कहानियां मत पढ़ो उससे आपको केवल एक सन्देश मिलेगा। असफलता की कहानियां पढ़ो उससे आपको सफल होने के कुछ आइडियाज (विचार) मिलेंगे”

 

“ब्लैक कलर भावनात्मक रूप से बुरा होता है लेकिन हर ब्लैक बोर्ड विधार्थियों की जिंदगी ब्राइट बनाता है”

 

“मैं एक हैंडसम इंसान नहीं हूँ लेकिन मैं  अपना हैंड उस किसी भी व्यक्ति को दे सकता हूँ जिसको की मदद की जरूरत है। सुंदरता हृदय में होती है, चेहरे में नहीं”

 

“नकली सुख की बजाय ठोस उपलब्धियों के पीछे समर्पित रहिये”

 

“अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा”

 

“एक मुर्ख जीनियस बन सकता है यदि वो समझता है की वो मुर्ख है लेकिन एक जीनियस मुर्ख बन सकता है यदि वो समझता है की वो जीनियस है”

 

“बारिश की दौरान सारे पक्षी आश्रय की तलाश करते है लेकिन बाज़ बादलों के ऊपर उडकर बारिश को ही अवॉयड कर देते है। समस्याए कॉमन है, लेकिन आपका एटीट्यूड इनमे डिफरेंस पैदा करता है”

 

“कभी कभी कक्षा से बंक मारकर दोस्तों के साथ मस्ती करना अच्छा होता है, क्योंकि आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ तो ये सिर्फ हंसाता ही नहीं है, बल्कि अच्छी यादे भी देता है”

 

“प्रश्न पूछना, विधार्थियों की सभी प्रमुख विशेषताओ में से एक है। इसलिए छात्रों सवाल पूछो”

 

“मेरे लिए नकारात्मक अनुभव जैसी कोई चीज़ नहीं है”

 

“जिंदगी और समय, विश्व के दो सबसे बड़े अध्यापक है। ज़िंदगी हमे समय का सही उपयोग करना सिखाती है जबकि समय हमे ज़िंदगी की उपयोगिता बताता है”

 

“जब हम दैनिक समस्याओ से घिरे रहते है तो हम उन अच्छी चीज़ों को भूल जाते है जो की हम में है”

 

“इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये जरूरी है”

 

“मैं हमेशा इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार था कि मैं कुछ चीजें नहीं बदल सकता”

 

“जो लोग आधे अधूरे मन से कोई काम करते है उन्हें आधी अधूरी, खोखली सफलता मिलती है जो चारो और कड़वाहट भर देती है”

“हमे प्रयत्न करना नहीं छोड़ना चाहिए और समस्याओ से नहीं हारना चाहिए”

 

“मेरा यह सन्देश विशेष रूप से युवाओ के लिए है।  उनमे अलग सोच रखने का साहस, नए रास्तो पर चलने का साहस, आविष्कार करने का साहस होना चाहिए।  उन्हें समस्याओ से लड़ना और उनसे जीतना आना चाहिए।  ये सभी महान गुण है और युवाओ को इन गुणों को अपनाना चाहिए”

 

“हर सुबह पांच बाते अपने आप से बोलो १  मैं सबसे अच्छा हूँ  २  मैं यह कर सकता हूँ ३ भगवान हमेशा मेरे साथ है  ४  मैं एक विजेता हूँ  ५  आज का दिन मेरा दिन है”

“तीन बेहतरीन उत्तर 

 सफलता  का रहस्य क्या है ?           सही निर्णय

 आप सही निर्णय कैसे लेते है  ?        अनुभव से

 आप अनुभव कैसे प्राप्त करते है ?    गलत निर्णय से”

 

“आइये हम अपने आज का बलिदान कर दें ताकि हमारे बच्चों का कल बेहतर हो सके”

 

“कृत्रिम सुख की बजाए ठोस उपलब्धियों के पीछे समर्पित रहिये”

 

“यदि हम सवतंत्र नहीं है तो कोई भी हमारा आदर नहीं करेगा”

 

“अंग्रेजी आवश्यक है क्योंकि वर्तमान में विज्ञान के मूल काम अंग्रेजी में हैं। मेरा विश्वास है कि अगले दो दशक में विज्ञान के मूल काम हमारी भाषाओँ में आने शुरू हो जायेंगे, तब हम जापानियों की तरह आगे बढ़ सकेंगे”

 

“जीवन एक कठिन खेल है।  आप इस जन्मसिद्ध अधिकार को केवल एक व्यक्ति बनकर ही जीत सकते हैं”

 

“मुझे बताइए , यहाँ का मीडिया इतना नकारात्मक क्यों है? भारत में हम अपनी अच्छाइयों, अपनी उपलब्धियों को दर्शाने में इतना शर्मिंदा क्यों होते हैं? हम एक माहान राष्ट्र हैं।  हमारे पास ढेरों सफलता की गाथाएँ हैं, लेकिन हम उन्हें नहीं स्वीकारते।  क्यों?”

 

“भारत में हम बस मौत, बीमारी , आतंकवाद और अपराध के बारे में पढ़ते हैं”

 

“इसका मतलब है, जो लोग उच्च और जिम्मेदार पदों पर है, अगर वे धर्म के खिलाफ जाते है, तो धर्म ही एक विध्वंसक के रूप में तब्दील हो जाएगा”

 

“हम एक राष्ट्र के रूप में विदेशी चीज़ों से लगाव क्यों कर रहे है ? क्या यह हमारे औपनिवेशिक युग की एक विरासत है।  हम विदेशी टीवी सेट खरीदना चाहते है।  हम विदेशी शर्ट पहनना चाहते है।  हम विदेशी प्रौधोगिकी खरीदना चाहते है, सब कुछ आयात करने का यह कैसा जुनून है ?”

 

“दुनिया की आबादी के लगभग आधे लोग ग्रामीण क्षेत्रों में और ज्यादातर गरीबी की हालत में रहते है। मानव विकास में इस तरह की असमानता ही दुनिया में अशांति और हिंसा के प्राथमिक कारणों में से एक है”

 

“किसी भी धर्म में किसी धर्म को बनाए रखने और बढाने के लिए दूसरों को मारना नहीं बताया गया”

 

“जब तक भारत दुनिया में अपने कदमो पर खड़ा नहीं है, तब तक हमे कोई आदर नहीं करेगा। इस दुनिया में डर के लिए कोई जगह नहीं है। केवल ताकत ही ताकत का सम्मान करती है”

 

“भारत को अपनी ही छाया चाहिए, और हमारे पास स्वयं के विकास का प्रतिरूप होना चाहिए”

 

“हमें करोडो लोगो के देश की तरह सोचना और कार्य करना चाहिए न की लाखो लोगो के देश की तरह। सपना, सपना, सपना !”

 

“हमें युवाओं को नौकरी चाहने वालो की अपेक्षा नौकरी देने वाला बनाना होगा”

 

“हर राष्ट, चीन से यह सीख सकता है की हमे ग्रामीण स्टार पर अच्छे उद्यमों, अच्छी गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाओ और शैक्षिक सुविधाओ के निर्माण पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए”

 

“मेरा नज़रिया यह है की जवानी में हम अधिक आशावादी और कल्पनाशील होते है और हम दूसरों से कम प्रभावित होते है”

 

“कितने सही रूप से क़ानून अपराध को खत्म कर सकता है ? बहुत तेजी से कारवाई करने के लिए एक तंत्र होना चाहिए। नियम कुछ ऐसे हो की उन्हें पकड़ो और सजा दो”

 

“भारत को एक मूल्य प्रधान राष्ट्र के साथ, एक विकसित राष्ट्र, एक समृद्ध राष्ट्र और एक स्वस्थ राष्ट्र के रूप में तब्दील होना होगा”

 

“हम  केवल तभी याद किये जाएंगे यदि हम हमारी युवा पीढ़ी को एक समृद्ध और सुरक्षित भारत दे सके जो की सांस्कृतिक विरासत के साथ साथ आर्थिक समृद्धि के परिणाम स्वरुप प्राप्त हो”

 

“हमने किसी भी देश पर कभी आक्रमण नहीं किया है।  हमने उनके देश की जमीन नहीं हड़पी है, अपनी संस्कृति, अपने इतिहास और अपने जीवन जीने के तरीके को उन पर लागू करने की कोशिश नहीं की”

 

“जब कोई राष्ट्र हथियार युक्त देशों से घिरा हो, तो उसे भी हथियार युक्त होना पडेगा”

 

“शिक्षाविद को छात्रों में रचनात्मकता, जानने की भावना और नैतिक नेतृत्व की क्षमता का निर्माण कर उनका आदर्श बन जाना चाहिए”

 

“क्या हम यह नहीं जानते कि आत्म सम्मान आत्म निर्भरता के साथ आता है?”

 

“अगर किसी देश को भ्रष्टाचार – मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना है तो , मेरा दृढ़तापूर्वक  मानना है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं. पिता, माता और गुरु”

 

“भगवान, हमारे निर्माता ने हमारे मष्तिष्क और व्यक्तित्व में असीमित शक्तियां और क्षमताएं दी हैं। ईश्वर की प्रार्थना हमें इन शक्तियों को विकसित करने में मदद करती है”

 

“युद्ध किसी भी समस्या का स्थाई हल नहीं है”

 

“आकाश की तरफ देखिये। हम अकेले नहीं हैं। सारा ब्रह्माण्ड हमारे लिए अनुकूल है और जो सपने देखते हैं और मेहनत करते हैं उन्हें प्रतिफल देने की साजिश करता है”

मुंबई: बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने 1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेनन की फांसी का विरोध करने के बाद अब माफी मांग ली है। अपने पिता सलीम खान के इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने के बाद सलमान खान ये कदम उठाया। सलमान ने इस बारे में ट्विटर पर लिखा, 'मेरे पिता ने मुझे फोन किया और कहा कि मुझे अपने ट्वीट्स वापस लेने चाहिए क्योंकि उनसे गलतफहमी पैदा हो सकती है। इसलिए मैं ट्वीट वापस लेता हूं। मैं बिना शर्त किसी गलतफहमी के लिए माफी मांगता हूं।' उधर, मुंबई में सलमान के घर के बाहर बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया। पुलिस ने एक प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार भी किया है। वहीं, दिल्ली में हिंदू सेना ने सलमान का पुतला फूंका है।

सलमान ने कहा कि मैं याकूब मेमन को निर्दोष नहीं मानता। सलमान खान ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था पर उन्हें पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि मेरे ट्वीट को धर्म से जोडना गलत है। अभिनेता सलमान खान द्वारा 1993 के मुंबई विस्फोट मामले में मौत की सजा पाने वाले याकूब मेमन के समर्थन में ट्विटर पर टिप्पणी करने के बाद उनके घर के बाहर सुरक्षा बढा दी गयी। सलमान के ट्वीट की विभिन्न हलकों से कडी आलोचना हुई है। 

इससे पहले सलमान ने शनिवार रात एक ट्वीट में लिखा, 'टाइगर को फांसी दो। टाइगर को उसके भाई के लिए फांसी दी जा रही है। अरे! टाइगर कहां है? टाइगर को पकड़ो। टाइगर को फांसी दो, उसके भाई को नहीं।' सलमान ने टाइगर को कायर भी कहा, जो अपने भाई को मौत के मुंह में जाता देख रहा है।

सलमान ने हैरानी जताते हुए लिखा, 'हम अपने परिवार के लिए जान दे सकते हैं। टाइगर, तुम्हारे भाई को कुछ दिनों में फांसी दी जाएगी। कुछ कहो। कोई बयान दो या कहो कि वह तुम थे। तुम किस तरह के भाई हो?' उन्होंने लिखा, 'एक निर्दोष आदमी का मरना इंसानियत का मरना है। याकूब मेनन पर टिप्पणी करने से पहले उसके बारे में पढ़ लें। टाइगर तुम कहां छिपे हो?

सलमान के याकूब मेमन को लेकर किए गए ट्वीट से इस केस से जुड़े सरकारी वकील उज्जवल निकम भड़क गए। उन्होंने सलमान पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने कहा कि सलमान खान का बयान आपत्तिजनक है। निकम ने कहा, ''सलमान अपनी लोकप्रियता का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वह कोर्ट के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। सलमान किस सबूत के आधार पर ऐसा कह रहे हैं? इससे 257 लोगों की हत्या का दोषी के प्रति सहानुभूति पैदा होगी। हम कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं। मैं समझ सकता हूं कि रात को कई बार लोगों को होश नहीं रहता। इस वजह से मैं सलमान को एक मौका और देने के फेवर में हूं। ये देखना होगा कि सलमान अपना ट्वीट वापस लेते हैं कि नहीं।'' 

हालांकि सलमान के पिता सलीम खान ने याकूब को फांसी का विरोध करने वाले अपने बेटे सलमान खान का बचाव किया। एक टीवी चैनल से बाततीच के दौरान सलीम ने कहा,'' हर व्यक्ति को अपने विचार रखने का हक है। हालांकि, सलमान की राय इस केस में ज्यादा मायने नहीं रखती क्योंकि उन्हें इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता है।'' सलमान का एक्टर और बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और राजा मुराद ने भी बचाव करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र है और किसी को भी अपनी बात कहने का हक है।

बिहार सरकार ने गया के गहलौर निवासी दशरथ मांझी के जीवन पर बनी फिल्म 'मांझी द माउंटेन मैन' को टैक्स फ्री कर दिया है।

बिहार मंत्रिपरिषद की गुरुवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल समन्वय सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव शिशिर कुमार सिन्हा ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, 'मांझी द माउंटेन मैन' को राज्य में एंटरटेनमेंट टैक्स से मुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।' निर्देशक केतन मेहता ने लंबे समय के बाद इस फिल्म से वापसी की है। यह फिल्म 21 अगस्त को रिलीज होने वाली है। फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी और राधिका आप्टे मुख्य भूमिकाओं में हैं। नवाजुद्दीन ने अकेले दम पहाड़ काटकर गांववासियों के लिए शहर तक का रास्ता आसान बनाने वाले दशरथ मांझी की भूमिका निभाई है।

डायरेक्टर केतन मेहता अपने निर्देशन की फिल्म 'मांझी-द माउंटेन मैन' के ट्रेलर को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया से इतने उत्साहित हैं कि इससे मिलने वाले मुनाफे का एक हिस्सा दशरथ मांझी के गांव को देंगे। केतन 'दृश्यम' की विशेष स्क्रीनिंग में पहुंचे थे। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि यकीनन मुनाफे का एक हिस्सा गेहलौर (दशरथ मांझी का गांव) को जाएगा।

मुंबई: बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार और उभरते नायक सिद्धार्थ मल्होत्रा अभिनीत 'ब्रदर्स' के ट्रेलर ने ऑनलाईन की दुनिया में धूम मचा रखा है। दरअसल ब्रदर्स के ट्रेलर को यूट्यूब पर 80 लाख से ज्यादा बार देखा गया है। 

फिल्म के ट्रेलर को इंटरनेट पर मिल रहे धमाकेदार रिस्पांस से गदगद फिल्म के सह-निर्माता करण जौहर ने ट्विटर पर लिखा, 'ब्रदर्स का ट्रेलर 80 लाख बार देखा गया। 'ब्रदर्स' 14 अगस्त को रिलीज हो रही है।

करण मल्होत्रा निर्देशित और धर्मा प्रोडक्शन की इस फिल्म की निर्माता हीरू यश जौहर (करण जौहर की मां) और एंडेमोल इंडिया हैं। यह फिल्म दो भाईयों की कहानी पर आधारित है। करीब तीन मिनट के इस ट्रेलर में शुरूआत बॉक्सिंग रिंग से होती है जहां दोनों भाई एक-दूसरे को कांटे की टक्कर देते नजर आते हैं। ट्रेलर के अनुसार फिल्म एक्शन से भरपुर होगी। यह फिल्म हॉलीवुड फिल्म 'वॉरियर' का हिन्दी रूपांतरण है। इस फिल्म में अक्षय और सिद्धार्थ दोनों टफ लुक में नजर आएंगे। फिल्म में जैकलिन फर्नांडीज और जैकी श्रॉफ ने भी अभिनय किया है।

फिल्म के ट्रेलर को मिले इस जबरदस्त रिस्पांस के बाद अब फिल्म समीक्षकों की निगाहें ‘ब्रदर्स' के रिलीज पर है। 

मुंबई : कई रिकॉर्ड्स को लगातार ध्वस्त कर आगे बढ़ रही अब तक की सबसे महंगी भारतीय फिल्म 'बाहुबली' ने एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही बाहुबली ने सबसे बड़ा पोस्टर बनाने का नया रिकार्ड अपने नाम किया है। फिल्म का पोस्टर 50,000 वर्ग फुट से बड़ा बनाया गया था जिसने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा है।

रेफरेंस बुक ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट में इसका उल्लेख करते हुए लिखा है, 'सबसे बडे पोस्टर का साइज 4,793.65 वर्ग मीटर (51,598.21 वर्ग फुट) है और इसे 27 जून 2015 को भारत के कोच्चि में ग्लोबल यूनाइटेड मीडिया कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (इंडिया) ने हासिल किया है.'    

अपनी खुशी व्यक्त करते हुए राजामौली ने अपने ट्विटर पेज पर वेबसाइट के लिंक को शेयर करते हुए लिखा, 'अब यह आधिकारिक रुप से मिल गया है ... ग्लोबल यूनाइटेड मीडिया में मिस्टर प्रेम मेनन और उनकी टीम को बधाई'।

मुंबई : 'बाहुबली' के बाद बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का दिल जीतने वाली 'बजरंगी भाईजान' की बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई जारी है। बजरंगी भाईजान ने रिलीज के महज तीन दिनों में ही 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। सलमान खान की इस फिल्म ने अब दक देशभर में करीब 103 करोड़ रुपए की कमाई दर्ज करवाई है।

फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरन आदर्श ने ट्वीट कर 'बजरंगी भाईजान' की कलेक्शन की जानकारी दी है। तरन आदर्श ने ट्वीट में लिखा है ''दिलों को जीतने वाली 'बजरंगी भाईजान' कि बॉक्स ऑफिस पर भी जीत, शुक्रवार को 27.25 करोड़ की कलेक्शन, शनिवार को 36.60 करोड़ और रविवार को 38.75 करोड़ रुपये। इस तरह से फिल्म ने तीन दिन में 102. 60 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है।

100 करोड़ का आंकड़ा पार कर सलमान खान की इस फिल्म ने एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। सलमान की यह लगातार 100 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाली 8वीं फिल्म बन गई है। बॉलीवुड के किसी भी एक्टर की 8 फिल्में 100 करोड़ के क्लब में अब तक शामिल नहीं हुईं हैं। बॉलीवुड फिल्मों की गिनती में यह फिल्म साल 2015 की सबसे बड़ी ओपनिंग बटोर चुकी है। इस रेस में इसने वरुण धवन की 'एबीसीडी 2' को भी पीछे छोड़ दिया। सिर्फ इंडिया ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी 'बजरंगी भाईजान' ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया हुआ है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूएसए में इसने सलमान खान की ही फिल्म 'किक' के भी रिकार्ड्स तोड़ दिए हैं। शुक्रवार को ही यूएसए और कनाडा में इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 7 लाख डॉलर्स की कमाई की। इसके साथ ही यह फिल्म यूएसए और कनाडा में बॉक्स ऑफिस पर 10वें नंबर पर आ गई है।

मुंबई: 18 जुलाई से शुरू हो रही प्रो-कबड्डी लीग का प्रमोशनल सॉन्ग गाने के बाद अब बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन इसकी ओपनिंग सेरेमनी में भी गाएंगे। बिग बी यहां राष्ट्रगान गाएंगे। इससे पहले वो रिपब्लिक डे के मौके पर भी एक खास म्यूजिक वीडियो के लिए नेशनल एन्थम गा चुके हैं।

अमिताभ ने ये जानकारी अपने ब्लॉग पर शेयर की। अमिताभ ने ब्लॉग पर लिखा, "उन्होंने मुंबई में खेल की शुरुआत से पूर्व प्रो कबड्डी के उद्घाटन समारोह के लिए मुझे इसे (राष्ट्रगान) लाइव गाने के लिए कहा है। वे इसे टूर्नामेंट के सभी खेलों में नामचीन हस्तियों, गायक मंडलियों, ऑर्केस्ट्रा और संगीतकारों के साथ लाइव गाएंगे, इसका हिस्सा होना, राष्ट्रीयता की पहचान का हिस्सा बनना, राष्ट्रीय बंधन और राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा बनना एक सौभाग्य है।"

गौरतलब है कि अमिताभ के बेटे अभिषेक बच्चन प्रो-कबड्डी की एक टीम जयपुर पिंक पैंथर्स के ओनर हैं। उनकी टीम ने ही 2014 के पहले सीजन में प्रो कबड्डी चैम्पियनशिप जीती थी। बॉलीवुड स्टार्स अमिताभ और सलमान खान काफी समय से इस लीग का प्रमोशन कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले बिग बी ने इसका प्रमोशन सॉन्ग ‘ले पंगा’ भी रिकॉर्ड किया है। 18 जुलाई से शुरू हो रही ये लीग 23 अगस्त तक चलेगी। सैंतीस दिनों तक चलने वाले इस मुकाबले में आठ शहरों में कुल 60 मैच होंगे।

अंबाला : अंबाला की रहने वाली बॉलिवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा को हरियाणा सरकार ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ‘ अभियान को बढ़ावा देने के लिए ब्रैंड एंबेसेडर नियुक्त किया है। परिणीति चोपड़ा फिल्मफेयर और नैशनल फिल्म अवॉर्ड समेत कई मौकों पर सम्मानित हो चुकी हैं। इधर, सरकार के आगामी 21 जुलाई को गुड़गांव में अभियान को लेकर एक इवेंट हो रहा है और उसमें परिणीति चोपड़ा भी मौजूद रहेंगी। बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित राष्ट्रीय स्तर पर 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान को प्रमोट करने के लिए ब्रैंड एंबैसेडर हैं। वह 22 जनवरी को पानीपत से देशभर के लिए शुरु किए गए अभियान को लॉन्च करने के मौके पर भी मौजूद थीं। इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था।

अंबाला की रहने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री परिणिती चोपड़ा को प्रदेश सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसेडर बनाए जाने पर उनके पिता पवन चोपड़ा काफी खुश हैं। उन्होंने साफ कहा कि एक ओर जहां प्रदेश सरकार के इस अभियान में प्रतिबद्धता झलकती है, वहीं बेटियां किसी भी सूरत में निराश नहीं करती। उन्होंने इसके लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि बेटियों को लेकर अभिभावकों की चिंता अक्सर उनकी शादी करना और उनके लिए दहेज इकट्ठा करने में रहती है। लेकिन यदि यही चिंता वे अपनी बेटियों का भविष्य संवारने में लगाएं, तो अभिभावकों की चिंता लगभग खत्म ही हो जाएगी।

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अंग्रेजी दैनिक ‘द हिन्दू’ में छपी उस खबर का खंडन किया जिसमें उन्हें डीडी किसान के लिए किए गए एक विज्ञापन के एवज में 6.31 करोड़ रूपए मेहनाताना दिए जाने की बात कही गई थी। बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने एक बयान जारी कर न केवल इस खबर का खंडन किया बल्कि ये भी कहा कि उन्होंने दूरदर्शन से इस संदर्भ में एक रूपया न तो लिया है और न ही इस तरह का कोई अनुबंध उनके और दूरदर्शन के बीच हुआ था। अपने बयान में उन्होंने इससे जुड़ी हुए एक दिलचस्प बात बताई है कि उन्होंने विज्ञापन एजेंसी लिंटास के लिए डी डी किसान का एक विज्ञापन बहुत दिनों पहले किया था लेकिन उन्होंने ये काम भी बगैर पैसे लिए निस्वार्थ भाव से किया था।

इससे पहले अंग्रेजी अखबार द हिन्दू ने ये दावा किया था कि अमिताभ बच्चन को डीडी किसान के लिए विज्ञापन करने के एवज में दूरदर्शन की ओर से अब तक का सबसे ज्यादा यानि 6.31 करोड़ रूपए दिए गए। अपने खबर में द हिन्दू ने भी विज्ञापन एजेंसी के जरिए इस इंडोर्समेंट के पूरे होने की बात कही थी साथ ही ये भी दावा किया था कि कड़े मोल ताल के बाद अमिताभ बच्चन के लिए ये राशि तय करवाने में विज्ञापन एजेंसी कामयाब हुई थी। अखबार का दावा पैसे न केवल दिए गए बल्कि दूरदर्शन के इतिहास में अब तक सबसे बड़ा भुगतान हुआ, बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन का सिरे से इंकार। ऐसे में सच इन दो दावों के बीच लगता है कहीं फंसा हुआ है। अगर अमिताभ बच्चन ने पैसे नहीं लिए तो डीडी किसान के लिए विज्ञापन के नाम पर पैसे की बंदरबाट कहां हुई, ये सवाल भी प्रासंगिक है। अगर डीडी ने विज्ञापन के लिए विज्ञापन कंपनी को पैसे दिए तो क्या वो अमिताभ बच्चन तक नहीं पहुंचे ? या फिर अमिताभ बच्चन के नाम से निकले पैसे बीच में ही मंडी हाउस की घुमावदार मानचित्र में कहीं फंस कर रह गया। ज़ाहिर है सार्वजनिक प्रसारक को इन सवालों के जबाव तो देने ही होंगे।

डीडी किसान चैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खास नजर है। ऐसे में अगर डीडी किसान की चौहद्दी से इस तरह के सवाल उठ रहे हों तो ज़ाहिर है इसे अच्छी शुरूआत तो कतई नहीं कहा जा सकता। अगर संदेह उठाए गए हैं तो ज़ाहिर है जबाव देने की जिम्मेदारी भी सार्वजनिक प्रसारक की है। ऐसे में अब सबकी नजरें उठ रही हैं सार्वजनिक प्रसारक की ओर कि अमिताभ बच्चन के इंकार के बाद उपजी शंका के सामाधान के लिए कोई ठोस जबाव शायद हो उसके पास।

चिदंबरम पर जूता चलाने वाले आआपा नेता ने अलग खालिस्तान की मांग का समर्थन किया है । अरविंद केजरीवाल की पार्टी आाआपा का ग्राफ लगातार गिर रहा है, कुछ उनकी अपनी हरकतों से तो कुछ उनके नुमाइँदों से । शायद इस पार्टी के नेताओं को सिर्फ चर्चा में बने रहने की आदत हो गई है और वो इसके लिए लगातार कुछ न कुछ हरकत करते रहते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में दिल्ली की एक सीट से आआपा ने एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया था जिसकी पहचान चिदंबरम पर जूता चलाने के अलावा कुछ और न थी। हालांकि वो चुनाव हार गए लेकिन राजनीति में आ गए और अब उनके कुछ बयान आजकल सोशल मीडिया पर वायलर हो रहे हैं। मीडिया सरकार उन वीडियोज को अपने पाठकों के लिए यहां पेश कर रहा है। पाठक इन वीडियोज को खुद देखें और फैसला करें कि जो पार्टी देश की राजनीति में बदलाव लाने की बात करती थी वो कितनी गंदी राजनीति की मिसाल बनती जा रही है। 

http://youtu.be/yPaufKnBkoQ

http://youtu.be/zD8a3U0Ggh0

http://youtu.be/JMYsn5CDQl8

https://www.youtube.com/watch?v=xq4pOZYwRhA

एक चिटफंडिए चैनल न्यूज़ एक्सप्रेस ने पिछले िदनों कांग्रेस के एक बड़े नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खर्शीद को बतौर गेस्ट एडिटर अपने संस्थान बुलाया । दफ्तर घुमाया, खबरों पर बात की और लल्लो चप्पो करते हुए एक शो रिकॉर्ड किया और सलमान साब विदा हो गए। एक अल्पबुद्धि का संपादक और क्या कर सकता है, लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की ऐतिहासिक दुर्गति के बाद वैसे ही इनके नेताओं से हार के मंथन के अलावा कोई और सवाल होते नहीं लिहाजा सलमान खुर्शीद के लिए एक नया अनुभव रहा होगा। मीडिया सरकार को मिले एक पत्र  के मुताबिक सलमान खुर्शीद नाकाबिलों की टीम से लैस संपादक और चैनल से खासे खफा बताए जाते हैं। जिस किस्म के सवाल उनसे पूछे गए, जिस किस्म की स्तरहीन बातें उनके साथ की गई उससे वो नाराज हो गए। लेकिन मीडिया सरकार को मिली जानकारी के मुताबिक अगर सलमान को सारी असलियत पता होती तो शायद वो यहां आने का रिस्क नहीं लेते। सलमान खुर्शीद को यह पता नहीं था कि चैनल में काफी कर्मचारियों को लगभग  दो महीने से तनख्वाह नहीं मिली है, उन्हें यह भी पता नहीं था कि पिछले हफ्ते कुछ वेंडर्स ने हंगामा किया था । अपने बकाए पैसे को लेकर टैक्सी प्रोवाइड करने वाले शख्स ने काफी गाली गलौज की थी और सीईओ महोदय चुपके से भाग निकले थे। इतना ही नहीं शायद सलमान खुर्शीद को यह भी मालूम नहीं होगा कि संस्थान के तथाकथित सीईओ पर उनके ही साथ काम करने वाली किसी सहयोगी ने बदतमीजी और शोषण का भी आरोप लगाया है। या फिर एनजीओ के बहाने विकलांगो के नाम पर पैसों के घपले में चर्चित हुए सलमान खुर्शीद को सब पता हो और उन्हें, उनके जैसा ही संस्थान मिला जहां जाने का मौका वो गंवाना नहीं चाहते हों। सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर मीडिया सरकार बताना चाहता है कि संस्थान के एक क्षेत्रीय चैनल के कर्ताधर्ता ने दफ्तर आना बंद कर दिया है और चैनल के मालिक ने सभी बड़े अधिकारियों को लास्ट अल्टीमेटम दे दिया है। ऐसे में चैनल के सुधरने की रही-सही उम्मीद भी खत्म होती दिख रही है। 

 

तुम हैवान हो ...डरपोक हो ....मक्कार हो

तुम इस्लाम के ही नहीं..नस्ले आदम के गुनहगार हो

तुमने बंदूक उठाके..निशाना जो लगाया होगा

यकीनन अल्लाह-ओ-अकबर का नारा जे़हन में आया होगा

तुमने देखी न होंगी मासूम की आंखें...निशाने पे सर था

तेरी गोली से जो मरा वो कोई अल्लाह का अकबर था

बात मुल्कों की नहीं...सरहद की नहीं...मज़हब की नहीं

बात ईश्वर की नहीं....अल्लाह की नहीं...रब की नहीं

बात इतनी सी है.....ये खून ही अब जागेगा

आज बहता हुआ आंसू......कल हिसाब मांगेगा

लहू सूखेगा नहीं.....मां का दूध माफ ना होगा

अल्लाह के गुनहार बता...तेरा कहां इंसाफ होगा ?

जो देख सकता है तो देख....मासूम जनाज़ों को

जो देख सकता है तो देख....मौत के रिवाजों को 

याद रख जिस दिन ....इंसान संभल जाएगा

लहू..लहू का फर्क दिलों से मिट जाएगा

तेरी तंज़ीम का हर हर्फ भी मिट जाएगा

तेरी बंदूक का लोहा भी पिघल जाएगा

तुझपे..तेरी जात पे...लानत हो ....दुत्कार हो

तुम इस्लाम के ही ...नस्ले आदम के गुनहगार हो

 

तेजतर्रार युवा पत्रकार पंकज शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार

 

या ख़ुदा...

खौफ़नाक मंज़र

हर पल कांपती रूह

डरावने सपने सी हकीकत

तड़तड़ाती बंदूकें

तड़पता ज़हीर

लहुलूहान असलम

अपनी आंखों के सामने

दोस्तों का यूं रूख्सत होना

या अल्लाह... 

इन ज़ालिमों को सज़ा दे

या ख़ुदा...

इन जल्लादों पर कहर बरपा

मेरे असलम को बचा ले

मेरे ज़हीर को जगा दे 

मेरे दोस्तों पर रहम कर 

हमारा स्कूल हमें लौटा दे

अलविदा...

अम्मी जान के हाथों की 

वो मुलायम सी छुअन

भागती दौड़ती लंच बनाती

सलामती की दुआ करती

अम्मी, हमें बचा लो

अब्बू, हमें जल्दी से ले चलो

आपा, हमें घर बुला लो

जाने कहां से आ गए ये ज़ालिम

मेरे प्यारे स्कूल में ये क्या हो गया

हर तरफ़ बस खून ही खून

अब सांसें थमती जा रही हैं

दर्द का एहसास खत्म हो रहा है

सबकुछ एकदम धुंधला सा..

वो आग उगलती बंदूकें, 

वो दोस्तों के तड़पते जिस्म..

वो क्लासरूम के लाल हो गए ब्लैकबोर्ड...

अम्मी... अब्बू... आपा... अलविदा...

 

वरिष्ठ पत्रकार अतुल सिन्हा के फेसबुक वॉल से साभार

• केजरीवाल कहते है की वो गरीब किसानों का समर्थन करते है और उनको उनका हक दिलवाना चाहते है. लेकिन दूसरी तरफ आआपा नेता योगेश दहिया जिसने सहारनपुर के किसानो के 300 करोड़ का मुआवजा खाया उसे आआपा के कृषि सुधार समिति में रखा और सहारनपुर से लोकसभा का टिकट दिया !

• केजरीवाल जी ने आरटीआई कार्यकर्ता संतोष कोहली की हत्या के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया की माफियाओं ने उसकी हत्या कर दी और उसे न्याय मिलना चाहिए। जब केजरीवाल मुख्यमंत्री बने उन्होंने 49 दिन की सरकार के दौरान हत्या के मामले में उच्चस्तरीय न्यायिक या सीबीआई जांच की सिफारिश कभी नहीं की !

• केजरीवाल कहा की अन्ना आंदोलन का सारा पैसा आंदोलन के समय ही पूरा खत्म हो गया था. जब यह मामला और उछला तो उन्होंने कहा की केवल 2 करोड़ रुपय बचे थे. बाद में अन्ना के ब्लॉगर राजू परुलेकर ने बताया की आंदोलन में करीब 200 करोड़ की राशि जमा हुई थी, जो केजरीवाल जी ने अन्ना को कभी नहीं दिया। केजरीवाल ने कहा था की यदि अन्ना अपने आप को आआपा से अलग कर लेंगे तो वह भी आआपा से हट जायेंगे लेकिन केजरीवाल ने क्या किया ?

• अरविंद केजरीवाल ने कहा की वो अपनी पार्टी में आलाकमान संस्कृति के खिलाफ है. जबकि सच यह है की उनकी पार्टी में सबसे ज्यादा आलाकमान संस्कृति है. सब कुछ चार-चौकड़ी तय करती है ! आआपा छोड़ने वाले सभी नेताओ ने यह बात कही की “स्वराज” केवल टोपी पर ही रह गया है!

• केजरीवाल जी ने कहा की उनकी पार्टी के नेता सरकारी निवास नहीं लेगे. लेकिन दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने खुद 5 कमरों वाले दो बंगलो के आवंटन के लिए अनुरोध किया !

• केजरीवाल ने पहले कैमरे के सामने कहा की विनोद कुमार बिन्नी ने कभी भी टिकट नहीं माँगा। लेकिन जब बिन्नी ने केजरीवाल द्वारा दिल्ली की जनता को दिए गए धोखे के कारण विरोध किया तो केजरीवाल जी ने कह दिया की बिन्नी ने टिकट माँगा था.

• अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के 2 घंटे के दौरे के बाद कह दिया की उन्हें गुजरात में कही भी विकास देखने को नहीं मिला, गुजरात में कुछ विकास नहीं हुआ ! पूरा विश्व आज गुजरात के विकास की बात कह रहा है. जहा शहरो में ही नहीं बल्कि सभी 18,000 गॉवो में 24x7 बिजली है?

• गुजरात दौरे के दौरान जानबूझकर आचार संहिता का उल्लंघन किया | बाद में जांच से पता चला की कार्यकर्ताओं को इस घटना के पहले ही हजारों SMS भेज कर किसी बड़े घटना को अंजाम देने की पूर्व तैय्यारी थी ताकि पूरे देश में उनकी डूबती लोकप्रियता को बढाया जा सके |

• आआपा की अंजलि दामनिया के खिलाफ भूमि हड़पने के केस चल रहे हैं ! अंजलि पार्टी में एक प्रमुख नेता है लेकिन केजरीवाल मिडिया को बताते हैं की वो एक सामान्य कार्यकर्ता है |

• केजरीवाल ने कहा की ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के अनुसार उनकी सरकार में भ्रष्टाचार में कमी आई है. बाद में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने स्पष्टीकरण दिया की केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं |

• जब लोगो ने प्रश्न किया की आपके पास भ्रष्टाचार के इतने सबूत है तो आप कोर्ट क्यों नहीं जाते तो उन्होंने कहा कि उन्हें कोर्ट कचेहरी पर भरोसा नहीं है अर्थात विधायिका-कार्यपालिका-न्यापालिका-प्रेस झूठे है केवल केवल केजरीवाल सच्चे है !

• भाषण देते हुए केजरीवाल कैमरे पे तो कहते हैं की उन्होंने देश का भ्रमण किय लेकिन उन्हें कहीं मोदी की लहर नहीं दिखी ! किन्तु कैमरे के पीछे वो एक पत्रकार से ये कहते हुए पकडे गए की "भाई देश में मोदी लहर तो है "

• जब सोमनाथ भारती का इन्टरनेट पोर्न साइट के मामले में नाम आया तो केजरीवाल ने कहा की सोमनाथ निर्दोष है | बाद में हुई जांच पड़ताल से पता चला की सोमनाथ भारती दोषी है |

• केजरीवाल ने कैमरे पे कहा की किसी भी विधायक को 2014 चुनावों के लिए सांसद का टिकट नहीं मिलेगा जबकि केजरीवाल एक विधायक होते हुए स्वयं लोक सभा का चुनाव लड़े |

• केजरीवाल ने दिल्ली के औटोवालों को कई वादे किये लेकिन 49 दिन की सरकार के दौरान औटोवालों से किये सभी वादों को दरकिनार कर दिया |

• आन्दोलन के समय जब अन्ना हजारे को कांग्रेस सरकार ने बंदी बनाया था तब केजरीवाल ने कहा की अन्ना को साधारण मुजरिमों के साथ रखा गया है | जांच के बाद यह बात झूठ साबित हुई तथा यह बात स्वयं केजरीवाल को इण्डिया टुडे एन्क्लेव में स्वीकारनी पड़ी |

• गुजरात के दौरे पे केजरीवाल जब जानबूझ कर अचार संहिता का उल्लंघन करते पकडे गए तो उन्होंने सरासर झूठ बोल दिया की उन्होंने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है | बाद में जांच से पता चला की केजरीवाल झूठ बोल रहे थे , तत्पश्चात उनपे प्राथमिकी दर्ज करायी गयी |

• जब आआपा के कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय में दंगा फसाद किया तब केजरीवाल ने कहा की इसमें आआपा के कार्यकर्ताओं का कोई हाथ नहीं | कैमरे की फुटेज देखने से यह साफ़ हो गया की केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं | आआपा नेता आशुतोष और तिलक नगर के विधायक जरनैल सिंह अपने समर्थको के साथ बीजेपी कार्यालय में स्वयं तोड़ फोड़ करते देखे गए | यही नहीं, आआपा ने सभी कार्यकर्ताओं को एकत्रित होने के लिए हजारों की संख्या में SMS भेजे थे |

• दिल्ली के मुख्यमंत्री बनाने के बाद जब केजरीवाल ने धरना किया तब आरोप लगाया की उनके कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलस ने चाय तक नहीं पीने दी, सुलभ शौचालय बंद करवा दिए | बाद में उनके कार्यकर्ता न सिर्फ चाय बल्कि शराब आदि का सेवन करते भी पकडे गए |

• केजरीवाल ने कहा की वह आम आदमी है और सभी आमजनो से मिलने के लिए कभी भी उपलब्ध है | सच तो ये है की उनसे मिलने के लिए 20,000 से ऊपर खर्चने पड़ते हैं !

• केजरीवाल ने कहा था दिल्ली में उसकी सरकार बनते ही 15 दिनों के भीतर जनलोकपाल बिल पास कराया जायेगा , ऐसा कुछ भी नहीं किया गया | वो यह बोल कर पीछे हट गए की भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अंतर्गत वह दिल्ली विधान सभा में यह विधेयक पास नहीं कर पा रहे | सच्चाई तो यह है की यह दिशानिर्देश बहुत पहले दिया जा चूका था ! अपने झूठे वादे करते समय केजरीवाल को इस निर्देश के बारे में भली भाँती ज्ञात था, फिर भी मात्र वोट लेने के चक्कर में सभी को झूठ बोला | केजरीवाल ने जनलोकपाल का ड्राफ्ट विधायको को पढने के लिए नहीं दिया ! दिल्ली में पहले से ही लागू लोकायुक्त कानून को अमेंड नहीं किया !

• राहुल कँवल (आज तक) को केजरीवाल ने कहा की मिडिया उन्हें कवरेज नहीं देती ! जब राहुल कँवल ने याद दिलाया की एक हफ्ते पहले ही केजरीवाल का साक्षात्कार प्रदर्शित किया गया था, तब आखिरकार केजरीवाल को अपना झूठ मानना पड़ा ! फिर भी अपने आप को लाचार एवं बेचारा दिखाने की आदत गयी नहीं |

• केजरीवाल जी कहते हैं की उन्होंने एक किताब लिखी है जिसका नाम है "स्वराज" लेकिन सच्चाई यह है की अजय पल नागर द्वारा लिखी गयी "स्वराज" से सारी बातें चुरा कर स्वयं की किताब लिख डाली और नागर जी का नाम तक नहीं लिखा !

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नई दिल्ली : बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि कोर्ट से क्रिकेटर एस श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंदिला बरी हो जाने के बाद भी अपना प्रतिबंध नहीं हटाएगी।

बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि बीसीसीआई की अनुशासन समिति द्वारा लगाया गया प्रतिबंध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई अलग होती है और आपराधिक कार्रवाई अलग। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई जो अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई की रिपोर्ट के आधार पर थी लिहाजा इन पर प्रतिबंध लागू रहेगा।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली की निचली अदालत ने तीनों खिलाडिय़ों सहित इंडियन प्रीमियर लीग (IPL-6) के छठे संस्करण में हुई स्पॉट फिक्सिंग मामले में सभी आरोपियों को 14 जुलाई को कोई ठोस सबूत नहीं होने के आधार पर बरी कर दिया था।

बीसीसीआई ने हालांकि उसी दिन कहा था कि खिलाडिय़ों पर लगा प्रतिबंध जारी रहेगा। अनुराग ने यहां पत्रकारों से कहा, 'बीसीसीआई की अनुशासन समिति द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को जारी रखने के पूर्व निर्णय को जारी रखा जाएगा। अनुशासनात्मक कार्रवाई और आपराधिक कार्रवाई अलग-अलग हैं।'

गौरतलब हो कि बीसीसीआई की तरफ से यह बयान केरल क्रिकेट संघ (KCA) द्वारा बीसीसीआई से श्रीशांत को खेलने देने की अनुमति मांगे जाने के बाद अनुराग का यह बयान आया है।

पटना : राज्य के नियोजित शिक्षकों और पुस्तकालय अध्यक्षों के वेतनमान पर राज्य कैबिनेट ने गुरुवार को मुहर लगा दी। सरकार के इस निर्णय के साथ ही राज्य भर के प्राइमरी, मिडिल, हाइ व प्लस टू स्कूल में तैनात 4,03,447 ट्रेंड और अनट्रेंड शिक्षकों और 1,900 पुस्तकालय अध्यक्षों को 5200-20,200 का वेतनमान दिया जायेगा। हालांकि अनट्रेंड शिक्षकों को ग्रेड पे नहीं मिलेगा। उन्हें एक जुलाई 2015 से 20-35 फ़ीसदी बढ़ा हुआ वेतन विशेष भत्ते के साथ जरूर मिलेगा। प्रशिक्षित शिक्षको को भी सेवा दो साल पूरा होने के बाद ही ग्रेड पे का भुगतान होगा। अप्रशित्रित शिक्षकों को सेवा में रहते हुए वेतन के साथ प्रशिक्षण पाने का भी विकल्प प्रदान किया जाएगा।  

इसमें से ट्रेंड शिक्षकों को 2000-2400-2800 का ग्रेड पे दिया जायेगा, जबकि अनट्रेंड शिक्षकों को ग्रेड पे नहीं मिलेगा। कैबिनेट के प्रधान सचिव शिशिर सिन्हा ने बताया कि इन शिक्षकों को एक जुलाई, 2015 से ही वेतनमान मिलेगा। जिस प्रशिक्षित नियोजित शिक्षक की सेवा दो साल की नहीं हुई होगी या फिर जो नये प्रशिक्षित नियोजित शिक्षक बहाल होंगे, उन्हें फिलहाल ग्रेड पे नहीं दिया जायेगा। प्रशिक्षित नियोजित शिक्षकों की सेवा दो साल होने के बाद ही उन्हें ग्रेड पे का भुगतान होगा।

वहीं, अप्रशिक्षित नियोजित शिक्षकों को वेतनमान के साथ-साथ विशेष भत्ता भी दिया जायेगा। मिडिल व हाइस्कूल के अप्रशिक्षित शिक्षकों को हर माह 1000 रुपये और प्लस टू से अप्रशिक्षित शिक्षकों को 1500 रुपये  विशेष भत्ता मिलेगा।  इसके अलावा ट्रेंड-अनट्रेंड शिक्षकों के वरीयता को ध्यान में रखते हुए तीन साल की सेवा के लिए एक, छह साल की सेवा के लिए दो और नौ साल की सेवा के लिए तीन इन्क्रीमेंट (3} की दर से) भी दी जायेगी।

उन्होंने बताया कि नियोजित शिक्षकों को वेतनमान देने पर राज्य सरकार को 2948.49 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। अब राज्य सरकार को नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान पर कुल 8000 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। नियोजित शिक्षकों को वेतनमान मिल जाने से ट्रेंड शिक्षकों को वर्तमान में मिल रहे वेतन में 50-65 प्रतिशत और अनट्रेंड शिक्षकों को 20-35 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्कूलों के ट्रेंड पंचायत शिक्षकों को वेतनमान के साथ-साथ 2000 रुपये का ग्रेड पे, मिडिल स्कूल के स्नातक स्तर ट्रेंड प्रखंड शिक्षक, हाइ स्कूल के ट्रेंड शिक्षक और पुस्तकालय अध्यक्षों को 2400 रुपये का ग्रेड पे मिलेगा, जबकि प्लस टू स्कूल के प्रशिक्षित शिक्षकों को 2800 रुपये का ग्रेड पे दिया जायेगा। अप्रशिक्षित शिक्षकों को ग्रेड पे नहीं मिलेगा। 

उन्हें प्रशिक्षित होने के बाद ग्रेड पे का भुगतान होगा। अप्रशिक्षित शिक्षकों को एक जुलाई, 2015 को दिये जाने वाले वेतन में कम-से-कम 20 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी। इसके अलावा ट्रेंड व अनट्रेंड शिक्षकों को राज्य सरकार के कर्मियों की तरह महंगाई भत्ता, चिकित्सा भत्ता, मकान किराया भत्ता और वार्षिक वेतन वृद्धि दी जायेगी। 

वेतनमान पाने वाले इन सभी प्रारंभिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शिक्षकों और पुस्तकालय अध्यक्षों को ‘यूटीआइ रिटायरमेंट बेनिफिट पेंशन फंड’ से भी जोड़ा जायेगा। हर महीने एक निश्चित राशि उनके वेतन से कटेगी और यूटीआइ के खाते में जमा होगा। रिटायरमेंट के बाद वह राशि पेंशन के रूप में उन्हें मिलेगी।

वैसे प्रशिक्षित नियोजित शिक्षक जिन्हें ज्वाइन किये दो साल से कम हुए हैं या फिर जो भविष्य में नियुक्त होंगे उन्हें वेतनमान के साथ ग्रेड पे तभी मिलेगा, जब उनकी सेवा दो साल पूरी हो जायेगी। दो साल से कम सेवा वाले या ज्वाइन करने पर प्रारंभिक, माध्यमिक व प्लस टू स्कूल के प्रशिक्षित नियोजित शिक्षकों व पुस्तकालय अध्यक्षों को ग्रेड पे नहीं दिया जायेगा। उन्हें दो साल तक अनट्रेंड की तरह सिर्फ वेतनमान मिलेगा। दो साल तक सेवा देने के बाद ही उन्हें ग्रेड पे मिलेगा।

राज्य के अनट्रेंड शिक्षकों को सवैतनिक प्रशिक्षण का लाभ दिया जायेगा। कैबिनेट ने इस पर भी अपनी मंजूरी दे दी है। प्रारंभिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक के अप्रशिक्षित शिक्षकों को उनके प्रशिक्षण के दौरान वेतन की राशि दी जायेगी। इसके लिए नियमावली में संशोधन किया जा रहा है।

नियोजित शिक्षकों को वेतनमान के साथ-साथ उनके गैर वित्तीय मांगों पर विचार के लिए राज्य सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी शिक्षकों की सेवा शर्त, वरीयता, ऐच्छिक स्थानांतरण, सेवाकालीन प्रशिक्षण, प्रोन्नति, अनुशासनिक प्राधिकार समेत अन्य सेवा शर्तो पर निर्णय लेगी। 

कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को तीन महीने में सौपेगी। इस कमेटी में वित्त विभाग, शिक्षा विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, नगर विकास विभाग, पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव व सचिव और प्रधान अपर महाधिवक्ता शामिल हैं। शिक्षा विभाग को कमेटी का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है, जबकि कमेटी के वरीय सदस्य इसके अध्यक्ष होंगे।

 

 

संरा: संयुक्त राष्ट्र संघ की शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (युनेस्को) की महानिदेशक इरीना बोकोवा ने व्यापमं घोटाले की छानबीन के दौरान मारे गए पत्रकार अक्षय सिंह की मौत की जांच की मांग की है। इरीना बोकोवा ने श्री सिंह की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि पत्रकारों के खिलाफ हुए अपराध में अपराधी को बचना नहीं चाहिए। 

इरीना बोकावा ने श्री सिंह के शोक संतप्त परिवार, मित्रों और सहयोगियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भारत से अपील की है कि मामले की जांच हो। बोकोवा ने कहा “कानून के शासन के लिए ये जरूरी है कि समाज के जानने के अधिकार की रक्षा करें। इसके लिए अधिकारी श्री सिंह के मौत की वजह स्पष्ट कर सकते हैं। ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पत्रकार अपने पेशेवर कार्यों को सुरक्षित वातावरण में कर सकें और उनके खिलाफ हुए अपराध में अपराधी बचेगा नहीं।“ 

प्राइवेट न्यूज चैनल आज तक के संवाददाता अडतीस वर्षीय अक्षय सिंह मध्य प्रदेश के झाबुआ में व्यापमं घोटाले की पड़ताल कर रहे थे जब रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी।

भारत को जानने के लिए गांवों को जानना जरूरी है जहां बसती है भारती की आत्मा। दुनिया भारत को अपनी आंखों से जानना समझना चाहती है। लिहाजा बुंदेलखंड इलाके के गांवों में भारत को जानने समझने के लिए घुम रहे इन चार छात्रों के मन में ये विचार अनायास नहीं आया। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की बनावट को गहराई से समझ रहे दुनिया के अलग अलग मुल्कों से आए इन छात्रों का कहना है “गांवों को समझने का हमारा ये प्रयोग बहुत उपयोगी और मनोरंजक रहा इसलिए भी क्योंकि ये बहुत चुनौतीपूर्ण था और हमें इस देश के स्थानीय परंपराओं को अपनाना था। इस दौरान हमें अनेकों दिलचस्प लोगों से मिलने का मौका मिला जिनसे हम आगे भी जुड़े रहेंगे। इस दौरान हमें खुद ही फैसले लेने का भी अनुभव हासिल हुआ। कुल मिलाकर हमारा मानना है कि ये हमारे कैरियर को लेकर बेहद उपयोगी रहा साथ ही भारत लौट कर आने और यहां काम करने की दिशा में सोचने के लिए गहराई तक प्रेरित कर रहा है।“ 

पेरिस में प्रबंधन की पढ़ाई कर रहे 22 साल की लेबनान की छोले एबडेस्साटेर, 21 साल के फ्रांस की हेलेने इवेन और योलेने ग्रास्सेलीन और यूनान के 22 वर्षीय वेसिलियोस थियोडोरूउ के लिए ये दौरा बेहद मनोरंजक और खास रहा। ठेठ गंवई अंदाज में दशहरी आम का मजा लेना, आगरा, खजुराहो जैसे पर्यटक स्थलों पर बिंदास घुमते हुए फोटोग्राफी का आनंद भारत के इस दौरे को इनके लिए बेहद अहम बनाता है। गांवों में घुमते लोगों से बतियाते भारतीय संस्कृति को गहराई से जानने समझने का ये मौका इन युवाओं को अभिभूत कर रहा है। 

प्रबंधन के इन छात्रों को पढ़ाई के दौरान रिसर्च करने की जिम्मेदारी निभानी थी। लेकिन भारत के गांवों में घुमते ये जिम्मेदारी इतनी मनोरंजक, अनुभव के नए आयाम खोलने वाला होगा इसकी जरा सी भी भनक भारत आने से पहले इनको नहीं थी। हेलेन इवेन कुछ साल पहले भी भारत आई थी लेकिन बांकि तीनों छात्रों के लिए ये भारत का पहला दौरा था। छोले ऐबडेस्साटेर बताते हैं “ इस खुबसुरत देश की ये हमारी पहली यात्रा थी। ये बहुत ही मनोरंजक और अभिनव अनुभव रहा। शुरूआत में थोड़ा चुनौतिपूर्ण लगा लेकिन बाद में यहां के लोगों के दोस्ताना और सहयोगपूर्ण व्यवहार की वजह से हम बहुत तेजी से यहां के अनुकूल होते गए”। 

ये युवा पेरिस में स्थित यूरोप के एक शीर्ष प्रबंधन संस्थान एचईसी के छात्र हैं। भारत स्थित एक एनजीओ डेवलेंपमेंट अल्टर्नेटिव की मदद से भारत के गांवों से जुड़े अपने रिसर्च और फिल्ड वर्क पुरा करने में इनके लिए अनुभवों का एक नया पिटारा खुला। योलोन ग्रास्सलीन बताते हैं “हम फिल्ड वर्क को समझने और महिलाओं में साक्षरता बढ़ाने वाली तारा अक्षर कार्यक्रम के सामाजिक प्रभाव का समझने आए थे। ग्रामीणों के साथ वक्त बिताना हमारे लिए बहुत उपयोगी रहा।