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सिओल : उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच युद्ध होने की संभावनाएं बढ़ती जा रही है। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग ने सेना को आज शाम पांच बजे से युद्ध के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है। दोनों देशों के बीच बीते कुछ दिनों से लगातार गोलीबारी हो रही है। इसके साथ ही उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तत्काल बैठक बुलाने की मांग भी की है।

वहीं दूसरी तरफ, कुछ सैटेलाइट इमेजेस सामने आए हैं और इनसे जानकारी मिली है कि किम जोंग उन ने राजधानी प्योंगयांग में अपने सभी महलों के सामने रनवे बनवाए हैं, जिन पर फाइटर जेट प्लेन आसानी से लैंड और टेकऑफ कर सकते हैं।

उत्तर कोरिया की आधिकारिक न्यूज एजेंसी केसीएनए के अनुसार, तानाशाह किम जोंग उन ने गुरुवार को सेना के शीर्ष अधिकारियों की एक विशेष मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में सीमा पर तैनात टुकड़ियों को आदेश दिए गए कि वह शुक्रवार सुबह पांच बजे से (उत्तरी कोरिया का स्थानीय समय) जंग का सामना करने के लिए तैयार रहे।

गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच पिछले शनिवार से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। उत्तर कोरिया की ओर से हॉटलाइन पर दक्षिण कोरिया को अल्टीमेटम दिया गया था कि वह सीमा पर लगे अपने लाउडस्पीकर्स अगले 48 घंटे के अंदर हटा ले। लेकिन, दक्षिण कोरिया ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। जिसके बाद खफा उत्तर कोरिया ने रॉकेट दाग दिए। जवाब में दक्षिण कोरिया ने गुरुवार को पड़ोसी देश के खिलाफ दर्जनों गोले दागे।

दक्षिण कोरियाई सेना ने उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी है। सर्वोच्च स्तर का अलर्ट भी जारी किया गया है। इसके अलावा, ताजा घटनाक्रम को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक आयोजित की गई। पिछले साल अक्टूबर में दोनों देशों के बीच गोलीबारी की घटना हुई थी। इससे पहले सीमा पर बारूदी सुरंग विस्फोट के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया था।

वहीं संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के स्थायी प्रतिनिधि जा सोंग नाम ने गत बुधवार को परिषद को एक पत्र लिखकर सैन्य अभ्यास पर चर्चा का अनुरोध किया। यह अनुरोध उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच हुई गोलीबारी से एक दिन पहले किया गया।

उत्तर कोरिया ने परिषद से लगातार अनुरोध किया है कि वह वार्षिक उलची फ्रीडम सैन्य अभ्यास पर चर्चा करे। यह अभ्यास इस वर्ष सोमवार से शुरू हुआ है और 28 अगस्त तक चलेगा। अभ्यास कम्प्यूटरों पर तैयार युद्ध की स्थितियों पर आधारित है, लेकिन इसमें 50,000 दक्षिण कोरियाई और 30,000 अमेरिकी जवान भी हिस्सा ले रहे हैं।

राजदूत ने लिखा, ‘‘यदि सुरक्षा परिषद अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास पर चर्चा के डीपीआरके के अनुरोध को इस बार भी नजरअंदाज कर देती है तो इससे यह साबित होगा कि परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के अपने प्राथमिक मिशन को छोड़कर एक विशेष शक्ति का राजनीतिक हथियार बन गई है।’’

एथेंस : यूनान के प्रधानमंत्री एलेक्सिस त्सिप्रास ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और देश में नए सिरे से चुनाव कराने का आह्वान किया है। अपनी ही पार्टी के भीतर बगावत पैदा होने के बीच त्सिप्रास ने देश के भारी वित्तीय सहायता कार्यक्रम का बचाव किया। एलेक्सिस त्सिप्रास ने टीवी पर दिए भाषण में अपने इस्तीफ़े का ऐलान किया

यूनानी संवाद समिति ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि चुनाव 20 सितंबर को होने की संभावना है। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में त्सिप्रास ने कहा कि मैं जल्द ही राष्ट्रपति से मिलूंगा और अपना तथा अपनी सरकार का इस्तीफा उन्हें सौंप दूंगा।

त्सिप्रास ने कहा कि जनवरी में पदभार संभालने के बाद से मैंने जो कुछ भी किया मैं उसे यूनान की जनता के सामने रखना चाहता हूं ताकि वे एक बार फिर निर्णय कर सकें।  इस कदम से यूनान सरकार चुनाव तक कार्यवाहक सरकार के हाथों में आ गई है। यूनान द्वारा ईसीबी को भारी ऋण चुकाए जाने के बाद त्सिप्रास की यह घोषणा आई। ऋण चुकाए जाने के बाद यूनान का तीसरा विशाल वित्तीय सहायता कार्यक्रम प्रभावी तरीके से शुरू हो जाएगा जो अगले तीन साल के लिए 86 अरब यूरो है

देश के करिश्माई युवा प्रधानमंत्री ने यह नया दांव खेला है जिन्होंने पिछले महीने यूनानियों को जनमत संग्रह के जरिए कडे सुधारों को नकारने के लिए मनाया था। एक सप्ताह बाद ही यूरो जोन शिखर बैठक में इन्हें स्वीकार कर लिया गया। अपनी सरकार की सुलह समझौते की नीतियों को सही ठहराते हुए कहा कि यूनान ने यूरोजोन के अन्य देशों से तीन साल के लिए 86 अरब यूरो के वित्तीय सहायता कार्यक्रम के जरिए सर्वाधिक श्रेष्ठ संभावित सौदा किया।

त्सिप्रास ने कहा कि देश को पैसा मिल गया है और अब वह  गहरी नैतिक जिम्मेदारी महसूस करते हैं कि न्याय के लिए अपने आप को जनता के सामने पेश कर दें। पिछले दिनों गहरे आर्थिक संकट से गुजरे यूनान में प्रधानमंत्री त्सिप्रास को शुक्रवार को संसद में गहरा आघात लगा। सत्तासीन वामपंथी सीरिजा पार्टी में 149 सांसदों में से 43 सांसदों ने ऋणदाताओं की मितव्ययता की नई मांग का विरोध करने या दूर रहने का फैसला किया। देश में राजनीतिक अस्थिरता के कारण आज यूनान का स्टाक 3. 5 फीसदी गिर गया ।

काहिरा : मिस्र की राजधानी काहिरा के उत्तर में स्थित शुबरा अल खीमा शहर में एक राष्ट्रीय सुरक्षा इमारत के निकट आज हुए एक भीषण विस्फोट में 11 सुरक्षा कर्मी सहित कम से कम 29 लोग घायल हो गए। सरकारी इमारत के निकट हुए विस्फोट में हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने हमले की जिम्मेदारी ली है। इस्लामिक स्टेट की मिस्र स्थित शाखा की ओर से आनलाइन बयान जारी कर इस हमले को मई में छह आतंकवादियों को फांसी पर लटकाए जाने के बदले में की गई कार्रवायी की संज्ञा दी है। 

अधिकारियों ने बताया कि इमारत के निकट तीन बम लगाए गए थे, जिसके कारण यह विस्फोट हुआ। इस विस्फोट से सुरक्षा इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है और निकटवर्ती इलाके में कम से कम 20 इमारतें और वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ईजिप्शियन टीवी के अनुसार घटनास्थल पर करीब 25 एम्बुलैंसों और सुरक्षा बलों को भेजा गया है।

इस धमाके की आवाज राजधानी के कई इलाकों में सुनी गई। एक प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद अली ने बताया कि उन्होंने एक आदमी को धमाके से पहले वहां गाड़ी पार्क करते हुए देखा था और उसके तुरंत बाद धमाका हो गया। मिस्र पहले ही खूनखराबे से जूझ रहा है। पिछले दो सालों में यहां सैंकड़ों पुलिसवाले और सैनिक मारे जा चुके हैं। मिस्र के अटॉर्नी जनरल की भी कार बम से हत्या की जा चुकी है। इनमें से कुछ हमलों की जिम्मेदारी आईएस ने भी ली थी। मिस्र में आतंकवाद के खिलाफ हाल में एक कठोर कानून को मंजूरी दी गई है। माना जा रहा है कि आतंकवादियों ने इसी कानून के विरोध में यह धमाका किया।

वाशिंगटन : अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने महिलाओं की कामेच्छा को बढ़ाने की एक दवा को मंज़ूरी दे दी है. इसे 'फीमेल वायग्रा' माना जा रहा है।  फ़्लिबैनसेरिन नाम की इस दवा को नॉर्थ कैरोलिना स्प्राउट फॉर्मेस्यूटिकल्स ने बनाया है। हाल ही में इस दवा को एफडीए की परामर्श समिति ने पास कर दिया है। फूड ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन के सेंटर फॉर ड्रग इवैल्यूएशन ऐंड रिसर्च के डायरेक्टर जेनेट वुडकॉक ने बताया, 'इस मंजूरी से उन महिलाओं को इलाज के लिए एक स्वीकृत विकल्प मिल गया है जो यौन इच्छा में कमी की समस्या से पीड़ित हैं।

एफडीए ने ऐडी के प्रयोग को उस स्थिति में ही मंजूरी दी है जब महिला में अचानक सेक्स की चाहत कम हो जाए या एक विशेष प्रकार का विकार पैदा होने पर जिसे हाइपोऐक्टिव सेक्सुअल डिजायर डिसऑर्डर के नाम से जाना जाता है। यह विकार उन महिलाओं में पैदा हो सकता है जिनमें यौनेच्छा पहले ठीक थी लेकिन बाद में किसी समस्या के कारण सेक्स के प्रति रुचि खत्म हो गई। ड्रग को अल्कोहल के साथ लेने पर प्रतिबंध है और सिर्फ सर्टिफाइड फार्मेसीज पर ही उपलब्ध होगा।

मासिक धर्म निवृत्ति से पहले महिलाओं की कामेच्छा को फिर से हासिल करने के लिए मस्तिष्क के कुछ निश्चित रसायनों को बढ़ाने के मकसद से इस दवा को बनाया गया है।

सेहत पर अन्य मामूली असर डालने के लिए इस दवा की आलोचना होती रही है। इस 'पिल' के कुछ अन्य रूप पहले भी मंज़ूरी के लिए भेजे गए थे लेकिन उन सभी को नामंज़ूर कर दिया गया था। इस 'पिल' को 'एड्डी' नाम से बाज़ार में लाया जाएगा।

एफडीए ने इसे दो बार नामंज़ूर किया क्योंकि पहले ये इतना प्रभावी नहीं था और इसे लेने से जी मितलाना, चक्कर आना और बेहोशी जैसे लक्षण पैदा होते थे। पहले एक जर्मन कंपनी, ब्योरिंगर इंगेलहाइम इस दवा को बना रही थी।

जब एफडीए ने इस दवा को नामंज़ूर कर दिया तो स्प्राउट ने इसे जर्मन कंपनी से खरीद लिया था। 4 जून को एफडीए परामर्श समिति की मीटिंग के दस्तावेज़ में इस दवा को महिलाओं में मासिक धर्म निवृत्ति से पहले 'हाइपोएक्टिव सेक्सुअल डिसऑर्डर' (एचएसडीडी) के इलाज की दवा बताया गया है। महिलाओं को ये दवा हर रात लेनी होगी। दवा लेने से पहले डॉक्टर को ये निर्धारित करना होगा कि एक महिला कामेच्छा कम होने के कारण तनाव से गुज़र रही है या नहीं।

बैंकाक : थाई अधिकारियों ने उस ‘संदिग्ध’ व्यफक्ति की तलाश शुरू कर दी है, जिसपर उन्हें भगवान ब्रह्मा के बेहद लोकप्रिय मंदिर में बम रखने का संदेह है। मध्य बैंकॉक के भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित इस मंदिर में हुए विस्फोट में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और 123 अन्य घायल हो गए। गौर हो कि थाईलैंड की राजधानी में यह पहला ऐसा हमला है।

प्रधानमंत्री प्रयूत चान-ओ-चा ने कहा कि विस्फोट स्थल के पास के सीसीटीवी में एक संदिग्ध पुरुष नजर आया था। उन्होंने कहा कि हम इस व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने गवर्नमेंट हाउस में मंत्रिमंडल के सदस्यों और सुरक्षा एजेंसियों की एक आपात बैठक बुलाई। उपप्रधानमंत्री प्रवित वोंग्सुवान ने कहा कि साजिशकर्ताओं ने इस घटना को अंजाम देने के लिए कई लोगों का इस्तेमाल किया। इस विस्फोट के पीछे के मकसद का पता लगाया जाना अभी बाकी है।

थाई सेना प्रमुख जनरल उदोमदेज सीताबुत्र ने स्थानीय मीडिया को बताया कि सुरक्षा अधिकारियों को बम विस्फोट वाली जगह की वीडियो फुटेज मिली हैं, जो स्पष्ट तौर पर एक संदिग्ध व्यक्ति को घटनास्थल पर एक बैग लिए हुए दिखाती हैं। इसके बाद विस्फोट हो गया। गौरतलब है कि चिडलोम जिले में स्थित भगवान ब्रह्मा के ‘इरावन’ मंदिर के भीतर यह विस्फोट हुआ। सरकार का मानना है कि विस्फोटों का लक्ष्य देश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नुकसान पहुंचाना है।

यह मंदिर बैंकाक के व्यावसायिक गढ़ के मुख्य मार्ग पर स्थित है और इसके आसपास तीन बड़े शॉपिंग मॉल और बड़े औद्योगिक समूहों के होटल हैं। यह थाईलैंड के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है जहां पूर्वी एशिया और स्थानीय बौद्ध पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं। हालांकि विस्फोटों में अभी तक किसी भारतीय के हताहत होने की सूचना नहीं है। विस्फोटों के बाद वहां चारों ओर लोगों के शरीर के अंग बिखरे पड़े थे, अफरातफरी मची थी। मारे गए चार विदेशी नागरिकों में से दो की पहचान चीनी और फिलीपीनी नागरिकों के रूप में हुई है। अभी तक किसी समूह ने विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली है।

लाहौर: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गृह मंत्री शुजा खानजादा की एक आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई। एक आत्मघाती हमलावर ने अटक जिले के शादी खल गांव स्थित उनके घर पर खुद को उड़ा लिया। इस हमले में आठ अन्य लोगों की मौत हो गई। पंजाब के मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉक्टर सैय्यद इलाही ने शुजा के मारे जाने की पुष्टि की। 

जब ब्लास्ट हुआ, करीब 100 लोग खानजादा के प्रांतीय दफ्तर में आयोजित जिरगा (स्थानीय और धार्मिक नेताओं की बैठक) के लिए इकट्ठा हुए थे। धमाके की वजह से ऑफिस की छत गिर गई और आसपास की इमारतों की खिड़कियों के कांच टूट गए। शुजा समेत दर्जनों लोग मलबे में दब गए थे। गृह मंत्रालय के सूत्रों का दावा है कि प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-झांगवी ने सुसाइड अटैक की जिम्मेदारी ली है। जुलाई में लश्कर-ए-झांगवी प्रमुख की मौत के बाद से खानजादा को जान से मारने के धमकियां मिल रही थीं।

चश्मदीदों ने दावा किया कि एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को बम से उड़ा लिया। रावलपिंडी रेंज के कमिश्नर जाहिद सईद ने बताया कि हमले में कई लोग घायल हो गए। सईद ने बताया कि हमले में डीएसपी शौकत शाह की भी मौत हो गई।

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इससे घर ढह गया और आसपास के कई घरों के शीशे टूट गए। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है।

खानजादा को अक्टूबर, 2014 में गृह विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी और वह आतंकी संगठनों के खिलाफ प्रमुख अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल थे।

( फोटो क्रेडिट - जीयो टीवी पाकिस्तान)

मोदी सरकार की 'मेक इन इंडिया' परियोजना के तहत रूस भारत में लगभग 6,000 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट लगाने जा रहा है। रूस की सरकार ने अपनी इस नई परियोजना के भारत में अनिल अंबानी के नेतृत्‍व वाले रिलायंस समू‍ह की एक कंपनी को अपना साझेदार बनाया है। जानकारी है कि दोनों के बीच ये साझेदारी सेना और वायुसेना के लिए करीब 197 हेलीकॉप्‍टर बनाने के लिए हुई है। इस प्रोजेक्‍ट को लेकर कुल मिलाकर 6,000 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारत सरकार के 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के तहत ये अब तक का सबसे बड़ा समझौता साबित होगा। साथ ही ये भी बताया गया कि इसके तहत कामोव 226टी श्रेणी के 197 हेलीकॉप्टरों का निर्माण देश में ही किया जाएगा। बड़ी बात ये भी है कि ये अब 30 वर्षों से अहम क्षेत्रों में सेवा दे रहे चेतक और चीता हेलीकॉप्टर बेड़ों की जगह लेगा।

इस बारे में रिलायंस डिफेंस के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'स्किल इंडिया' सरीखे कार्यक्रमों में बेहद खुशी के साथ हिस्सा लेने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। यहीं नहीं उन्‍होंने ये भी कहा कि देश की जरूरतें पूरी करने के लिए सैन्य और असैन्य हेलीकॉप्टरों का निर्माण इस प्रतिबद्धता का एक सबसे बड़ा और अहम हिस्सा है।

सूत्रों से मिली जानकारी पर गौर करें तो सामने आया है कि परियोजना का कार्यान्वयन एक संयुक्त उपक्रम कंपनी की मदद से किया जाएगा। इसको लेकर रिलायंस डिफेंस की नवगठित हेलीकॉप्टर इकाई का चयन किया गया है। बताते चलें कि रिलायंस डिफेंस रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की ही कंपनी है। वहीं अब कंपनी तेजी के साथ औद्योगिक लाइसेंस हासिल करने की प्रक्रिया में है।

याद दिला दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गत वर्ष भारतीय दौरे के समय दिसंबर में मोदी के सामने इस तरह का प्रस्ताव रखा था। उसके बाद रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर की अध्यक्षता में मई के महीने में रक्षा खरीद परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को पूरी तरह से मंजूरी दे दी गई थी। वैसे बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में रिलायंस समूह की कंपनी पिपावाव डिफेंस को रूस के ज्योज्दोच्का शिपयार्ड ने 24 ईकेएम-877 पनडुब्बियों को भारत में मरम्मत करने के लिए चुना था।

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे जुड़े संगठनों की होने जा रही तीन दिवसीय बैठक में हिस्सा ले सकते हैं। इसमें भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं सहित कुछ केन्द्रीय मंत्रियों के भी शिरकत करने की संभावना है।

सूत्रों ने बताया कि अगले महीने दो से चार तारीख तक होने वाली इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत, संगठन के सभी वरिष्ठ नेता और आरएसएस से जुड़े अनेक संगठनों के प्रमुख हिस्सा लेंगे। इस बैठक में भाजपा सहित संघ के संगठनों के बीच समन्वय बनाने पर विचार विमर्श होगा।

भाजपा के एक नेता ने बताया कि पीएम मोदी, जो संघ के स्वयंसेवक हैं, इस बैठक में उपस्थित हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने इससे अधिक कुछ कहने से इंकार कर दिया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी बैठक में आएंगे। बताया जाता है कि भाजपा और संघ के बीच समन्वय का उद्देश्य सरकार को जमीनी स्तर पर काम कर रहे आरएसएस के संगठनों की ओर से फीडबैक उपलब्ध कराना है जिससे कि वह अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों में और सुधार कर सके।

सूत्रों के अनुसार भाजपा और संघ के शीर्ष नेता सरकार की उपलब्धियों के साथ ही उसकी कमियों पर भी चर्चा करेंगे। कहा यह जा रहा है कि इस बैठक का आयोजन इसलिए भी किया गया है जिससे कि संघ और उससे जुड़े संगठन सरकार के प्रति अपनी चिंताओं और उसकी कमियों पर सार्वजनिक रूप से उठाने की बजाय, सीधे सरकार से जुड़े मुख्य लोगों के सामने ही रखें।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इस बैठक के आयोजन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संघ से जुड़े कुछ संगठनों और उनके नेताओं ने सरकार के भूमि अध्यादेश का सार्वजनिक तौर पर विरोध जताया है जिससे उसे असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।

कोहिमा: सेना ने नगालैंड के तुइनसांग ज़िले के नोकलाक इलाके में विद्रोही गुट एनएससीएन-के,  के छह संदिग्ध उग्रवादियों को मार गिराया है। उग्रवादियों के खिलाफ सुरक्षा बल नागालैंड में में व्यापक पैमाने पर आपरेशन चला रहे हैं।

सुरक्षाबलों ने इस उग्रवादी संगठन के खिलाफ़ अपनी कार्रवाई तब और ज़्यादा तेज़ कर दी थी जब इस गुट ने मार्च महीने में केंद्र सरकार के साथ की गई सीज़फायर संधि को रद्द कर दिया था। इस गुट ने जून महीने में मणिपुर में सेना के एक काफ़िले पर हमला कर 18 फौजियों की हत्या कर दी थी। इस हमले में 11 अन्य लोग घायल हुए थे।          

इस घटना के चार दिन भारत से एक विशेष दल ने सीमापार जाकर म्यांमार में दो उग्रवादी कैंपों को नष्ट कर कम से कम 50 विद्रोहियों को मार गिराया था। इसी महीने की शुरुआत में पीएम मोदी ने एनएससीएन के आईएम गुट के साथ शांति की घोषणा की थी ताकि राज्य में लंबे समय से चल रहा विद्रोह बंद हो।

पटना: बिहार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 1.25 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के जवाब में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगले पांच साल के लिए आज 2.70 लाख करोड़ रुपये की विकास योजना पेश की जिसमें हर परिवार को मुफ्त बिजली और पेयजल कनेक्शन शामिल है।

प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज पर चुटकी लेते हुए कुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए उनके पैकेज में सिर्फ पुरानी योजनाओं को नए तरीके से पेश किया गया है, जबकि मेरे (2.70 लाख करोड़ रुपये) विजन में ऐसे कार्यक्रम शामिल हैं जो धरातल पर उतारने लायक हैं और मैंने इसके लिए संसाधन भी जुटाए हैं ।' कुमार ने कहा, 'ये मेरे दिल की बात है, मन की बात नहीं।' मुख्यमंत्री ने कहा कि सात सूत्री यह विकास योजना विभिन्न क्षेत्रों में चल रही योजनाओं के अतिरिक्त है । इस मौके पर कुमार के साथ राज्य के वित्तमंत्री बिजेंद्र यादव और वरिष्ठ मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद थे। यह पूछे जाने पर कि ये जेडीयू का घोषणा-पत्र है या जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस के धर्मनिरपेक्ष गठबंधन का घोषणा-पत्र है, इस पर मुख्यमंत्री ने नकारात्मक उत्तर दिया और कहा, 'यह लोगों के लिए मेरी प्रतिबद्धता है और मैं जानता हूं कि उनका यह विश्वास मुझ पर है कि जो मैं कहता हूं, वह करता हूं।'

मुख्यमंत्री ने अगले पांच साल की योजनाओं का खुलासा करते हुए देश में सर्वाधिक युवाओं की आबादी वाले प्रदेश बिहार में युवाओं के साथ महिलाओं पर अपना दांव खेला है। अगले पांच साल की योजनाओं में युवाओं और महिलाओं को सर्वाधिक तरजीह दी गई है। नीतीश की योजना के मुताबिक राज्य सरकार की सभी नौकरियों में महिलाओं को 35 फीसद आरक्षण दिया जाएगा। शिक्षक नियोजन में महिलाओं के लिए 50 फीसद आरक्षण का प्रावधान यथावत रहेगा। 

योजना की रूप-रेखा जारी करते हुए नीतीश ने कहा कि बिहार की 76 फीसद आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए इस दिशा में कार्य चल रहा है। शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि अनेक बातों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। अगले पांच सालों में बिहार और तेजी से आगे बढ़ेगा। हमने बहुत कुछ हासिल किया है। हम जिन योजनाओं को चला रहे हैं, उनको आगे भी क्रियान्वित करना ही है, साथ ही इसमें और सुधार करेंगे। इसके अतिरिक्त कुछ कार्यक्रमों को आगे चलाना है। बकौल नीतीश, बिहार में युवा आबादी सबसे अधिक है। हमें युवा बहुल राज्य के लिए शिक्षा, रोजगार के अवसर, कौशल विकास को सक्षम बनाने की ओर ध्यान देना होगा। नई पीढ़ी जब तक रोजगार न पाए और वह सक्षम न हो, तो हम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आगे स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू करेगी। 12वीं पास विद्यार्थी चार लाख रुपये तक लोन का ले सकेंगे। सरकार इसके ब्याज में तीन फीसद की सब्सिडी देगी। हर प्रखंड में रोजगार के लिए युवाओं का पंजीकरण होगा, साथ ही कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

युवा बेरोजगार को स्वयं सहायता भत्ता दिया जाएगा। 20 से 25 साल की आयु के युवा-युवतियों को नौ माह तक एक हजार रुपये दिए जाएंगे। इसका लाभ दो बार उठाया जा सकता है। इससे युवाओं को रोजगार तलाशने में मदद मिलेगी।

नीतीश ने कहा कि युवाओं में उद्योग के प्रति रुचि पैदा करने के लिए 500 करोड़ का उद्यमिता विकास के लिए फंड का प्रावधान किया गया है। उद्योग लगाने वाले युवाओं को फंड के माध्यम से राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों में नि:शुल्क वाई-फाई सुविधा दी जाएगी। इन योजनाओं पर अगले पांच सालों में 49 हजार 800 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

नीतीश ने कहा कि अगले पांच सालों में गांवों और शहरों के सभी घरों को पाइप जलापूर्ति से जोड़ दिया जाएगा। इससे गांव के 1.79 करोड़ और शहर के 16 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। इस पर 47 हजार 700 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

हर घर में शौचालय को जरूरी बताते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि इसके लिए योजना शुरू करने की जरूरत है। अगले पांच साल में गांव के 1.64 करोड़ और शहर के 7 लाख 52 हजार परिवार को लाभ मिलेगा। इस पर 28 हजार 700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले पांच साल में हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके तहत करीब 55 हजार 600 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से वंचित सभी गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा। गांवों में पक्की गली और नाला का निर्माण किया जाएगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए 78 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नीतीश कुमार ने बेहतर विकास की बात कही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास के लिए पांच नए मेडिकल कॉलेज बनवाने की बात कही। उच्च व व्यावसायिक शिक्षा के लिए जिला व अनुमंडल में उच्च शिक्षा की कमेटी का गठन किया जाएगा। महिला आइटीआइ, इंजीनियरिंग कॉलेज, पारा मेडिकलसंस्थान पॉलीटेक्निक और नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की जाएगी।

 

श्रीनगर : जम्मू कश्मीर में एक बार फिर देश विरोधी झंडा फहराया गया। जुमे की नमाज के बाद आईएसआईएस के झंडे लहराने का क्रम पिछले कई शुक्रवार की तरह तरह इस सप्ताह भी जारी रहा। नवाज के बाद कुछ लोगों ने श्रीनगर के जामिया मसजिद के निकट आईएसआईए के झंडे लहराये।

गौरतलब है कि पिछले कुछ सप्ताह से लगातार श्रीनगर में पाकिस्तान, आईएसआईएस और लश्कर-ए-तैयबा के झंडे लहराये जा रहे हैं। आज जो झंडे लहराये गये उसपर लिखा था, वी आर जम्मू कश्मीर आईएसआईएस। इससे पहले शुक्रवार को आईएसआईएस कमिंग सून लिखा था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आईएसआईएस और पाकिस्तान के झंडे फहराने के पीछे 12 लड़कों का ग्रुप है। इंटेलीजेंस इनपुट और सीसीटीवी कैमरों से मिले फुटेज और फोटो के आधार पर इस ग्रुप से जुड़े लोगों की पहचान कर ली गई है और इन पर लगातार निगाह रखी जा रही है। इंटेलिजेंस एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि इस ग्रुप को आखिर फंडिंग कहां से हो रही है।

इससे पहले भी घाटी में कई बार देश विरोधी झंडे लहराए गए है।

- 28 अगस्त को श्रीनगर की मस्जिद के पास आईएसआईएस के झंडे दिखाए गए। लश्कर के झंडे भी दिखाए गए।

- 21 अगस्‍त को श्रीनगर में आईएसआईएस का झंडा छठी बार दिखाया गया था।

- 17 जुलाई : शुक्रवार को श्रीनगर के नोहट्टा इलाके में एक मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद विरोध भड़का। प्रदर्शनकारियों ने आईएसआईएस और लश्कर-ए-तैयबा के झंडे दिखाए।

- 24 जुलाई : श्रीनगर की जामिया मस्जिद में नमाज के बाद कुछ लोग आईएसआईएस का झंडा लिए नजर आए। उन्होंने नकाब पहन रखा था।

- 31 जुलाई : इसी मस्जिद के बाहर नमाज के बाद फिर आईएसआईएस और लश्कर-ए-तैयबा के झंडे दिखाए गए।

- 7 अगस्त : श्रीनगर की जामिया मस्जिद इलाके में एक बार फिर इस्लामिक स्टेट और पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के झंडे भी नजर आए। जो झंडे दिखाए गए उन पर लिखा था, ‘IS JK जल्द आ रहा है'।

- 14 अगस्त : पाकिस्तान की आजादी की सालगिरह पर जम्‍मू-कश्‍मीर के श्रीनगर में कई जगहों पर पाकिस्तानी झंडे लगे नजर आए। एक महिला अलगाववादी नेता दुख्तरान-ए-मिल्लत की चीफ आसिया अंद्राबी ने तो खुलेआम पाकिस्तानी झंडा लगा दिया और पार्टी वर्करों के बीच भाषण भी दिया। श्रीनगर में एक जगह आईएस का झंडा भी दिखा।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसआईएस के लिए रिक्रूटमेंट करने वाले ऐसे 70 से 75 लोग भारतीय खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं। आईएसआईएस ज्वॉइन कर चुके इंडियन मुजाहिदीन के कुछ लोग भारत में रिक्रूटमेंट करने के लिए लोगों से संपर्क कर रहे हैं। ऐसे हैंडलर्स के होने की मौजूदगी खुफिया अफसरों ने भी मानी है। ये अफसर उस ऑपरेशन का हिस्सा रहे हैं, जो बीते एक साल में तेलंगाना के 17 यंगस्टर्स को आईएसआईएस ज्वॉइन करने के लिए विदेश जाने से रोक चुके हैं।

पटना : एक कार्यक्रम को लेकर पटना पहुंचे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और तीन वरिष्ठ नेता करीब 40 मिनट तक पटना के राजकीय गेस्ट हाउस में लिफ्ट में फंसे रहे, जिसके कारण सुरक्षाकर्मियों और पार्टी के अधिकारियों को काफी परेशानी की स्थिति का सामना करना पड़ा। बाद में सीआरपीएफ ने शाह एवं अन्य लोगों को बाहर निकाला। वहीं राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने चुटकी लेते हुए अमित शाह को 'मोटा' कहा।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडे ने कहा कि कल रात साढे ग्यारह बजे लिफ्ट दो मंजिलों के बीच फंस गई और इसके धातु का दरवाजा जाम हो गया। ऐसी आपात स्थिति से निपटने में कोई लिफ्ट परिचालक या व्यक्ति सक्षम नहीं था। लिफ्ट में फंसे लोगों का मोबाइल भी रेंज से बाहर प्रदर्शित हो रहा था।

यह घटना तब घटी जब शाह, राज्य के प्रभारी भूपेन्द्र यादव, सचिव नागेन्द्रजी और महासचिव सुदान सिंह एवं सुरक्षाकर्मियों के साथ राजकीय गेस्ट हाउस में भूतल से पहली मंजिल पर जा रहे थे। शाह समेत लिफ्ट में फंसे लोगों को सीआरपीएफ कर्मियों ने बचाया जो वहां जेड प्लस सुरक्षा कवर के हिस्से के तौर पर वहां मौजूद थे। इन्हें स्टील के दरवाजे को तोड़कर शाह एवं उसमें फंसे अन्य नेताओं को बाहर निकालना पड़ा।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने चुटकी लेते हुए अमिश शाह को 'मोटा' कहा, प्रसाद ने कहा कि 'मुझे पता है वह क्या कह रहे हैं। वो लिफ्ट में फंस गए थे। बिहार की लिफ्ट साइज में छोटी हैं। उनको नहीं जाना चाहिए। उन्हें बिहार के विकास से क्या लेना देना। बड़का मार्गदर्शक बनते हैं। काला धन के बारे में क्या कहना है, महंगाई फिर से बढ़ गई है।' गौर हो कि हाल ही में लालू यादव ने पटना में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी मिमिक्री की थी। उनका वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

बहरहाल, शाह आज सुबह की उड़ान से नई दिल्ली रवाना हो गए। वह कल पटना में एक दैनिक की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने पटना आए थे। वह राजकीय गेस्ट हाउस में रूके हुए थे और बिहार में आसन्न विधानसभा चुनाव के संबंध में पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे।

ब्लॉकबस्टर और कई रिकॉर्ड अपने नाम करने वाली एस एस राजामौली की फिल्म 'बाहुबली' के लिए पहली पसंद बॉलीवुड की रुप की रानी श्रीदेवी थी। लेकिन श्रीदेवी ने इसमें काम करने से मना कर दिया था। बाद में यह रोल रमैया कृष्णन ने निभाया।

जानकारी के मुताबिक श्रीदेवी की फीस सुनकर इस फिल्म के निर्माताओं की सांस अटक गई थी। दरअसल बाहुबली में अपना रोल श्रीदेवी को भी पसंद था। लेकिन बात नहीं बनने की बजह फीस बताई जा रही है

तमिल सिनेमा से लगभग तीन दशक दूर रहने के बाद श्रीदेवी फिल्म 'पुली' से वापसी कर रही हैं, लेकिन उनकी वापसी और भी जल्द हो सकती थी यदि उन्होंने फिल्म 'बाहुबली' के लिए इंकार नहीं किया होता। श्रीदेवी ने फिल्म 'पुली' के लिए हां की है तो इसके पीछे भी वजह बड़ी रकम ही बतायी जा रही है। इस बात का खुलासा नहीं हो सका है कि श्रीदेवी को कितनी बड़ी रकम चुकाई गई है, लेकिन बताया कि यह कॉलीवुड के ए-लिस्ट हीरों के मेहनताने के बराबर है। श्रीदेवी ने इस फिल्म के निर्माताओं से यह आश्वासन भी लिया था कि उनका रोल भी इस फिल्म में दमदार होगा।

बताया जा रहा है कि श्रीदेवी का किरदार इस फिल्म के हीरो विजय के बराबर ही रखा गया है। उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट साइन करते वक्त अपना मेकअप आर्टिस्ट सेट पर बुलाने और हर कॉस्ट्यूम खुद पसंद करने की शर्त भी रखी थी।

मुंबई : बॉलीवुड की क्वीन कंगना रानौत ने फिल्म इंडस्ट्री को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यहां महिलाओं की इज्जत नहीं की जाती। भले ही आज वह बॉलीवुड पर राज करने वाली क्वीन बन गई हों, लेकिन आज भी अभिनेत्री कंगना रानौत अपने बीते दिनों को नहीं भूला पाई हैं जब उनके साथ किसी संघर्षशील कलाकार के तौर पर बर्ताव किया जाता था।

दो नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली कंगना को बॉलीवुड की सबसे महंगी एक्ट्रेस बताया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के मंडी टाउन की रहने वाली कंगना ने एक इंटरव्यू में कई मुद्दों पर चर्चा की। उनकी नई फिल्म कट्टी-बट्टी जल्द ही रिलीज होने जा रही है।

अभिनेत्री का कहना है कि यह बहुत सही समय है जब लोग महिलाओं के प्रति अपने रवैये में तब्दीली ला रहे हैं। जब मैं फिल्म नगरी में अपना मुकाम हासिल करने के लिए जूझ रही थी तब मेरे साथ बहुत बुरा सलूक किया जाता था। महिलाओं के साथ इतना बुरा बर्ताव करने वालों को शर्म आनी चाहिए। लोग यही सोचते हैं कि क्या करेगी। केवल लड़की ही तो है।

कंगना ने कहा कि “कामयाबी मिलने से मैं बहुत खुश हूं लेकिन मैंने जो हासिल किया है उसके लिए मुझे कड़ी मेहनत करना पड़ी। मैं जिस जगह हूं वहां महिलाओं की इज्जत नहीं की जाती। मुझे भी कई बार इन हालात से गुजरना पड़ा। कामयाबी के बाद हालात बदल जाते हैं लेकिन आप उन लोगों को नहीं भूल पाते जिन्होंने आपके साथ गलत सलूक किया है। लोग टॉप एक्ट्रेस से जैसा बिहेव करते हैं वैसा न्यूकमर्स या स्ट्रगलर के साथ नहीं। लेकिन हो सकता है इन्हीं में से कोई कल कंगना बन जाए और फिर आपको उसके साथ काम करना पड़े तब कैसा लगेगा। यहां पुरुषों के साथ अलग जबकि महिलाओं के साथ अलग बर्ताव किया जाता है। मेरी कामयाबी से उन लोगों को यह सीखना चाहिए कि महिलाओं से बुरा बर्ताव नहीं किया जा सकता।”

यह पूछे जाने पर कि बॉलीवुड में आना महिलाओं के लिए कितना मुश्किल है, कंगना का कहना है कि उनके पास हमेशा से ही किसी तरह का समर्थन जरूर होना चाहिए। कंगना ने कहा कि एक समय था जब मैंने पेड़ों के आस पास डांस करने वाली भूमिका की लेकिन उन्हें कभी भी ऐसी भूमिकाओं से पहचान नहीं मिली।

लाहौर : सैफ अली खान और कटरीना कैफ के अभिनय से सजी फिल्म 'फैंटम' की पाकिस्तान में रिलीज पर बैन लग गया है। इस फिल्म पर लाहौर हाई कोर्ट ने बैन लगाया है। फिल्म के रिलीज के खिलाफ जमात-उद-दावा चीफ और 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने कोर्ट की शरण ली थी। इस पर कोर्ट ने पाकिस्तानी सरकार को 20 अगस्त तक जवाब देने को कहा था।

हाफिज सईद ने आरोप लगाया था कि यह फिल्म 26/11 के हमले के बाद के प्लॉट पर आधारित है और इसमें उनके और उनके संगठन के खिलाफ घृणित प्रचार किया गया है। इस फिल्म के ट्रेलर में जासूस बने सैफ अली खान को आतंकी के तौर पर हाफिद सईद का नाम लेते हुए दिखाया गया है। इसी के खिलाफ हाफिज सईद खुद फिल्म को रुकवाने को कोर्ट पहुंचा था। कोर्ट ने हाफिज की याचिका पर संघीय सरकार, पंजाब सरकार और सेंसर बोर्ड से 20 अगस्त तक जवाब देने को कहा था। 20 अगस्त की सुनवाई के बाद फिल्म पर बैन लगाने का फैसला किया गया।

संघीय सरकार ने लाहौर हाई कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर सूचित किया कि अभी तक किसी ने पाकिस्तान के सिनेमाघरों में फैंटम के प्रदर्शन के संबंध में उससे 'अनापत्ति प्रमाणपत्र' (एनओसी) नहीं मांगा है। सरकार के कानूनी अधिकारी ने अदालत में दलील देते हुए कहा कि किसी ने संघीय सरकार से एनओसी नहीं मांगी है, इसलिए यह याचिका बेकार है और इसे खारिज किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'याचिकाकर्ता अनावश्यक रूप से सरकार को इस मामले में घसीटने का प्रयास कर रहा है।' हाफिज सईद के वकील ए के डोगर ने कहा, 'फिल्म के ट्रेलर की विषयवस्तु से याचिकाकर्ता और उसके साथियों की जान को सीधा खतरा है।' उन्होंने कहा कि यह फिल्म इस महीने की 28 तारीख को पाकिस्तान और भारत दोनों जगह रिलीज होनी है, जिसमें सामान्य रुप से जमात-उद-दावा के खिलाफ और खासतौर पर हाफिज सईद के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार है।

डोगर ने कहा, 'जाहिर है कि अनेक भारतीय अभिनेताओं और अभिनेत्रियों के मुंह से निकले संवाद पाकिस्तान की जनता के दिमाग में जहर घोलेंगे और हाफिज सईद को आतंकवादी चित्रित करेंगे जबकि जमात-उद-दावा को प्रतिबंधित संगठन घोषित नहीं किया गया है।' उन्होंने अदालत से पाकिस्तानी सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की गुहार लगाई।

न्यायमूर्ति शाहिद बिलाल हसन ने कहा कि भारतीय फिल्में और अन्य फिल्में रिलीज होने के बाद आसानी से बाजार में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, 'अगर सिनेमाघरों में फिल्म पर पाबंदी लगा दी भी जाती है तो इसे सीडी के रुप में बाजार में उपलब्ध होने से रोकने के लिए सरकार क्या कर सकती है।' यह फिल्म लेखक हुसैन जैदी के उपन्यास 'मुंबई अवेंजर्स' पर आधारित 'फैंटम' 26-11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद की स्थिति पर बनी है और वैश्विक आतंकवाद की बात करती है।

 

मुंबई : 2012 में आई फिल्म 'सन ऑफ सरदार' का सीक्वल बनने जा रहा है जोकि हॉलिवुड फिल्म '300' से मिलता-जुलता होगा। इस फिल्म में अजद देवगन 21 लोगों की फौज के साथ 10 हजार की फौज के साथ लड़ते दिखाया जाएगा।

इसकी जानकारी 'सन ऑफ सरदार' फिल्म के हिरो अजय देवगन ने दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा,'फिल्म 'सन ऑफ सरदार' के लिए आपकी शुभकामनाओं की आवश्यकता है। यह हॉलिवुड फिल्म '300' से मिलती-जुलती है और यह सीक्वल सारागढ़ी की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है। यह लड़ाई 12 सितंबर, 1897 को तिराह अभियान के दौरान लड़ी गई थी। 36वीं सिख रेजिमेंट के 21 सैनिकों ने सारगढ़ी किले को बचाने के लिए 10,000 अफगान और ओराकजई कबायलियों से युद्ध लड़ा था।

अजय देवगन, दिसंबर में 'शिवाय' की शूटिंग पूरी करने के बाद 'सन ऑफ सरदार' की शूटिंग शुरू करेंगे। अश्विनी धीर द्वारा निर्देशित फिल्म में संजय दत्त, सोनाक्षी सिन्हा और जूही चावला प्रमुख भूमिका में हैं। 'सन ऑफ सरदार' का सीक्वल 2017 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में आ सकता है।

मुंबई : बॉलिवुड के किंग शाहरुख खान अब बड़े पर्दे पर आलिया भट्ट के साथ रोमांच करते नजर आएंगे।

करण जौहर ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि शाहरूख खान और आलिया भट्ट ‘इंगलिश विंगलिश’ फिल्म की निर्देशक गौरी शिंदे की अगली फिल्म में नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्माण शाहरूख खान के रेड चिलीज इंटरटेनमेंट और करण जौहर के धर्मा एंड होप प्रोडक्शन मिलकर करेंगे।

जौहर ने ट्वीट में लिखा है कि शीघ्र ही बड़ी घोषणा होगी। फिर उन्होंने ट्वीट किया, रेड चिलीज इंटरटेनमेंट और धर्मा एंड होप प्रोडक्शंस को गौरी शिंदे की अगली फिल्म को पेश करने का गर्व है जिसमें शाहरूख खान और आलिया भट् होंगे। निर्देशक आर बाल्की की पत्नी गौरी शिंदे को वर्ष 2012 में अपनी पहली फिल्म ‘इंगलिश विंगलिश’ से खूब ख्याति मिली थी। उसमें श्रीदेवी मुख्य किरदार में थीं।

गौरी शिंदे ने भी ट्वीट किया, हां, मैं अपनी अगली फिल्म बना रही हूं। पटकथा करीब करीब तैयारी हो गयी है। फिल्म जल्द शुरू हो रही है, फिर से काम पर लौटने को लेकर आशान्वित हूं। 22 वर्षीय आलिया ने भी ट्वीटर पर इस फिल्म में काम करने को लेकर खुशी जाहिर की।

लॉस एंजिलिस: हॉलीवुड रैपर निकी मिनाज कनाडा के वैंकूवर में पिंकप्रिंट टूर के दौरान वार्डरोब मालफंक्शन का शिकार हो गई।

खबरों की माने तो निकी रोजर्स एरिना एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर थीं, जहां अचानक उनके कपड़े खिसक गए और उन्हें पता नहीं चला। और जब उन्हें इस बात का अहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत स्थिति को संभाल लिया।

इस घटना से वह जरा सा भी विचलित नहीं हुई और उन्होंने कार्यक्रम बिना रुके जारी रखा।

मिनाज अपने हालिया एलबम द पिंकप्रिंट के समर्थन के लिए इसी शीषर्क के तहत टूर पर हैं।

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अंग्रेजी दैनिक ‘द हिन्दू’ में छपी उस खबर का खंडन किया जिसमें उन्हें डीडी किसान के लिए किए गए एक विज्ञापन के एवज में 6.31 करोड़ रूपए मेहनाताना दिए जाने की बात कही गई थी। बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने एक बयान जारी कर न केवल इस खबर का खंडन किया बल्कि ये भी कहा कि उन्होंने दूरदर्शन से इस संदर्भ में एक रूपया न तो लिया है और न ही इस तरह का कोई अनुबंध उनके और दूरदर्शन के बीच हुआ था। अपने बयान में उन्होंने इससे जुड़ी हुए एक दिलचस्प बात बताई है कि उन्होंने विज्ञापन एजेंसी लिंटास के लिए डी डी किसान का एक विज्ञापन बहुत दिनों पहले किया था लेकिन उन्होंने ये काम भी बगैर पैसे लिए निस्वार्थ भाव से किया था।

इससे पहले अंग्रेजी अखबार द हिन्दू ने ये दावा किया था कि अमिताभ बच्चन को डीडी किसान के लिए विज्ञापन करने के एवज में दूरदर्शन की ओर से अब तक का सबसे ज्यादा यानि 6.31 करोड़ रूपए दिए गए। अपने खबर में द हिन्दू ने भी विज्ञापन एजेंसी के जरिए इस इंडोर्समेंट के पूरे होने की बात कही थी साथ ही ये भी दावा किया था कि कड़े मोल ताल के बाद अमिताभ बच्चन के लिए ये राशि तय करवाने में विज्ञापन एजेंसी कामयाब हुई थी। अखबार का दावा पैसे न केवल दिए गए बल्कि दूरदर्शन के इतिहास में अब तक सबसे बड़ा भुगतान हुआ, बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन का सिरे से इंकार। ऐसे में सच इन दो दावों के बीच लगता है कहीं फंसा हुआ है। अगर अमिताभ बच्चन ने पैसे नहीं लिए तो डीडी किसान के लिए विज्ञापन के नाम पर पैसे की बंदरबाट कहां हुई, ये सवाल भी प्रासंगिक है। अगर डीडी ने विज्ञापन के लिए विज्ञापन कंपनी को पैसे दिए तो क्या वो अमिताभ बच्चन तक नहीं पहुंचे ? या फिर अमिताभ बच्चन के नाम से निकले पैसे बीच में ही मंडी हाउस की घुमावदार मानचित्र में कहीं फंस कर रह गया। ज़ाहिर है सार्वजनिक प्रसारक को इन सवालों के जबाव तो देने ही होंगे।

डीडी किसान चैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खास नजर है। ऐसे में अगर डीडी किसान की चौहद्दी से इस तरह के सवाल उठ रहे हों तो ज़ाहिर है इसे अच्छी शुरूआत तो कतई नहीं कहा जा सकता। अगर संदेह उठाए गए हैं तो ज़ाहिर है जबाव देने की जिम्मेदारी भी सार्वजनिक प्रसारक की है। ऐसे में अब सबकी नजरें उठ रही हैं सार्वजनिक प्रसारक की ओर कि अमिताभ बच्चन के इंकार के बाद उपजी शंका के सामाधान के लिए कोई ठोस जबाव शायद हो उसके पास।

चिदंबरम पर जूता चलाने वाले आआपा नेता ने अलग खालिस्तान की मांग का समर्थन किया है । अरविंद केजरीवाल की पार्टी आाआपा का ग्राफ लगातार गिर रहा है, कुछ उनकी अपनी हरकतों से तो कुछ उनके नुमाइँदों से । शायद इस पार्टी के नेताओं को सिर्फ चर्चा में बने रहने की आदत हो गई है और वो इसके लिए लगातार कुछ न कुछ हरकत करते रहते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में दिल्ली की एक सीट से आआपा ने एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया था जिसकी पहचान चिदंबरम पर जूता चलाने के अलावा कुछ और न थी। हालांकि वो चुनाव हार गए लेकिन राजनीति में आ गए और अब उनके कुछ बयान आजकल सोशल मीडिया पर वायलर हो रहे हैं। मीडिया सरकार उन वीडियोज को अपने पाठकों के लिए यहां पेश कर रहा है। पाठक इन वीडियोज को खुद देखें और फैसला करें कि जो पार्टी देश की राजनीति में बदलाव लाने की बात करती थी वो कितनी गंदी राजनीति की मिसाल बनती जा रही है। 

http://youtu.be/yPaufKnBkoQ

http://youtu.be/zD8a3U0Ggh0

http://youtu.be/JMYsn5CDQl8

https://www.youtube.com/watch?v=xq4pOZYwRhA

एक चिटफंडिए चैनल न्यूज़ एक्सप्रेस ने पिछले िदनों कांग्रेस के एक बड़े नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खर्शीद को बतौर गेस्ट एडिटर अपने संस्थान बुलाया । दफ्तर घुमाया, खबरों पर बात की और लल्लो चप्पो करते हुए एक शो रिकॉर्ड किया और सलमान साब विदा हो गए। एक अल्पबुद्धि का संपादक और क्या कर सकता है, लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की ऐतिहासिक दुर्गति के बाद वैसे ही इनके नेताओं से हार के मंथन के अलावा कोई और सवाल होते नहीं लिहाजा सलमान खुर्शीद के लिए एक नया अनुभव रहा होगा। मीडिया सरकार को मिले एक पत्र  के मुताबिक सलमान खुर्शीद नाकाबिलों की टीम से लैस संपादक और चैनल से खासे खफा बताए जाते हैं। जिस किस्म के सवाल उनसे पूछे गए, जिस किस्म की स्तरहीन बातें उनके साथ की गई उससे वो नाराज हो गए। लेकिन मीडिया सरकार को मिली जानकारी के मुताबिक अगर सलमान को सारी असलियत पता होती तो शायद वो यहां आने का रिस्क नहीं लेते। सलमान खुर्शीद को यह पता नहीं था कि चैनल में काफी कर्मचारियों को लगभग  दो महीने से तनख्वाह नहीं मिली है, उन्हें यह भी पता नहीं था कि पिछले हफ्ते कुछ वेंडर्स ने हंगामा किया था । अपने बकाए पैसे को लेकर टैक्सी प्रोवाइड करने वाले शख्स ने काफी गाली गलौज की थी और सीईओ महोदय चुपके से भाग निकले थे। इतना ही नहीं शायद सलमान खुर्शीद को यह भी मालूम नहीं होगा कि संस्थान के तथाकथित सीईओ पर उनके ही साथ काम करने वाली किसी सहयोगी ने बदतमीजी और शोषण का भी आरोप लगाया है। या फिर एनजीओ के बहाने विकलांगो के नाम पर पैसों के घपले में चर्चित हुए सलमान खुर्शीद को सब पता हो और उन्हें, उनके जैसा ही संस्थान मिला जहां जाने का मौका वो गंवाना नहीं चाहते हों। सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर मीडिया सरकार बताना चाहता है कि संस्थान के एक क्षेत्रीय चैनल के कर्ताधर्ता ने दफ्तर आना बंद कर दिया है और चैनल के मालिक ने सभी बड़े अधिकारियों को लास्ट अल्टीमेटम दे दिया है। ऐसे में चैनल के सुधरने की रही-सही उम्मीद भी खत्म होती दिख रही है। 

 

तुम हैवान हो ...डरपोक हो ....मक्कार हो

तुम इस्लाम के ही नहीं..नस्ले आदम के गुनहगार हो

तुमने बंदूक उठाके..निशाना जो लगाया होगा

यकीनन अल्लाह-ओ-अकबर का नारा जे़हन में आया होगा

तुमने देखी न होंगी मासूम की आंखें...निशाने पे सर था

तेरी गोली से जो मरा वो कोई अल्लाह का अकबर था

बात मुल्कों की नहीं...सरहद की नहीं...मज़हब की नहीं

बात ईश्वर की नहीं....अल्लाह की नहीं...रब की नहीं

बात इतनी सी है.....ये खून ही अब जागेगा

आज बहता हुआ आंसू......कल हिसाब मांगेगा

लहू सूखेगा नहीं.....मां का दूध माफ ना होगा

अल्लाह के गुनहार बता...तेरा कहां इंसाफ होगा ?

जो देख सकता है तो देख....मासूम जनाज़ों को

जो देख सकता है तो देख....मौत के रिवाजों को 

याद रख जिस दिन ....इंसान संभल जाएगा

लहू..लहू का फर्क दिलों से मिट जाएगा

तेरी तंज़ीम का हर हर्फ भी मिट जाएगा

तेरी बंदूक का लोहा भी पिघल जाएगा

तुझपे..तेरी जात पे...लानत हो ....दुत्कार हो

तुम इस्लाम के ही ...नस्ले आदम के गुनहगार हो

 

तेजतर्रार युवा पत्रकार पंकज शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार

 

या ख़ुदा...

खौफ़नाक मंज़र

हर पल कांपती रूह

डरावने सपने सी हकीकत

तड़तड़ाती बंदूकें

तड़पता ज़हीर

लहुलूहान असलम

अपनी आंखों के सामने

दोस्तों का यूं रूख्सत होना

या अल्लाह... 

इन ज़ालिमों को सज़ा दे

या ख़ुदा...

इन जल्लादों पर कहर बरपा

मेरे असलम को बचा ले

मेरे ज़हीर को जगा दे 

मेरे दोस्तों पर रहम कर 

हमारा स्कूल हमें लौटा दे

अलविदा...

अम्मी जान के हाथों की 

वो मुलायम सी छुअन

भागती दौड़ती लंच बनाती

सलामती की दुआ करती

अम्मी, हमें बचा लो

अब्बू, हमें जल्दी से ले चलो

आपा, हमें घर बुला लो

जाने कहां से आ गए ये ज़ालिम

मेरे प्यारे स्कूल में ये क्या हो गया

हर तरफ़ बस खून ही खून

अब सांसें थमती जा रही हैं

दर्द का एहसास खत्म हो रहा है

सबकुछ एकदम धुंधला सा..

वो आग उगलती बंदूकें, 

वो दोस्तों के तड़पते जिस्म..

वो क्लासरूम के लाल हो गए ब्लैकबोर्ड...

अम्मी... अब्बू... आपा... अलविदा...

 

वरिष्ठ पत्रकार अतुल सिन्हा के फेसबुक वॉल से साभार

• केजरीवाल कहते है की वो गरीब किसानों का समर्थन करते है और उनको उनका हक दिलवाना चाहते है. लेकिन दूसरी तरफ आआपा नेता योगेश दहिया जिसने सहारनपुर के किसानो के 300 करोड़ का मुआवजा खाया उसे आआपा के कृषि सुधार समिति में रखा और सहारनपुर से लोकसभा का टिकट दिया !

• केजरीवाल जी ने आरटीआई कार्यकर्ता संतोष कोहली की हत्या के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया की माफियाओं ने उसकी हत्या कर दी और उसे न्याय मिलना चाहिए। जब केजरीवाल मुख्यमंत्री बने उन्होंने 49 दिन की सरकार के दौरान हत्या के मामले में उच्चस्तरीय न्यायिक या सीबीआई जांच की सिफारिश कभी नहीं की !

• केजरीवाल कहा की अन्ना आंदोलन का सारा पैसा आंदोलन के समय ही पूरा खत्म हो गया था. जब यह मामला और उछला तो उन्होंने कहा की केवल 2 करोड़ रुपय बचे थे. बाद में अन्ना के ब्लॉगर राजू परुलेकर ने बताया की आंदोलन में करीब 200 करोड़ की राशि जमा हुई थी, जो केजरीवाल जी ने अन्ना को कभी नहीं दिया। केजरीवाल ने कहा था की यदि अन्ना अपने आप को आआपा से अलग कर लेंगे तो वह भी आआपा से हट जायेंगे लेकिन केजरीवाल ने क्या किया ?

• अरविंद केजरीवाल ने कहा की वो अपनी पार्टी में आलाकमान संस्कृति के खिलाफ है. जबकि सच यह है की उनकी पार्टी में सबसे ज्यादा आलाकमान संस्कृति है. सब कुछ चार-चौकड़ी तय करती है ! आआपा छोड़ने वाले सभी नेताओ ने यह बात कही की “स्वराज” केवल टोपी पर ही रह गया है!

• केजरीवाल जी ने कहा की उनकी पार्टी के नेता सरकारी निवास नहीं लेगे. लेकिन दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने खुद 5 कमरों वाले दो बंगलो के आवंटन के लिए अनुरोध किया !

• केजरीवाल ने पहले कैमरे के सामने कहा की विनोद कुमार बिन्नी ने कभी भी टिकट नहीं माँगा। लेकिन जब बिन्नी ने केजरीवाल द्वारा दिल्ली की जनता को दिए गए धोखे के कारण विरोध किया तो केजरीवाल जी ने कह दिया की बिन्नी ने टिकट माँगा था.

• अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के 2 घंटे के दौरे के बाद कह दिया की उन्हें गुजरात में कही भी विकास देखने को नहीं मिला, गुजरात में कुछ विकास नहीं हुआ ! पूरा विश्व आज गुजरात के विकास की बात कह रहा है. जहा शहरो में ही नहीं बल्कि सभी 18,000 गॉवो में 24x7 बिजली है?

• गुजरात दौरे के दौरान जानबूझकर आचार संहिता का उल्लंघन किया | बाद में जांच से पता चला की कार्यकर्ताओं को इस घटना के पहले ही हजारों SMS भेज कर किसी बड़े घटना को अंजाम देने की पूर्व तैय्यारी थी ताकि पूरे देश में उनकी डूबती लोकप्रियता को बढाया जा सके |

• आआपा की अंजलि दामनिया के खिलाफ भूमि हड़पने के केस चल रहे हैं ! अंजलि पार्टी में एक प्रमुख नेता है लेकिन केजरीवाल मिडिया को बताते हैं की वो एक सामान्य कार्यकर्ता है |

• केजरीवाल ने कहा की ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के अनुसार उनकी सरकार में भ्रष्टाचार में कमी आई है. बाद में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने स्पष्टीकरण दिया की केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं |

• जब लोगो ने प्रश्न किया की आपके पास भ्रष्टाचार के इतने सबूत है तो आप कोर्ट क्यों नहीं जाते तो उन्होंने कहा कि उन्हें कोर्ट कचेहरी पर भरोसा नहीं है अर्थात विधायिका-कार्यपालिका-न्यापालिका-प्रेस झूठे है केवल केवल केजरीवाल सच्चे है !

• भाषण देते हुए केजरीवाल कैमरे पे तो कहते हैं की उन्होंने देश का भ्रमण किय लेकिन उन्हें कहीं मोदी की लहर नहीं दिखी ! किन्तु कैमरे के पीछे वो एक पत्रकार से ये कहते हुए पकडे गए की "भाई देश में मोदी लहर तो है "

• जब सोमनाथ भारती का इन्टरनेट पोर्न साइट के मामले में नाम आया तो केजरीवाल ने कहा की सोमनाथ निर्दोष है | बाद में हुई जांच पड़ताल से पता चला की सोमनाथ भारती दोषी है |

• केजरीवाल ने कैमरे पे कहा की किसी भी विधायक को 2014 चुनावों के लिए सांसद का टिकट नहीं मिलेगा जबकि केजरीवाल एक विधायक होते हुए स्वयं लोक सभा का चुनाव लड़े |

• केजरीवाल ने दिल्ली के औटोवालों को कई वादे किये लेकिन 49 दिन की सरकार के दौरान औटोवालों से किये सभी वादों को दरकिनार कर दिया |

• आन्दोलन के समय जब अन्ना हजारे को कांग्रेस सरकार ने बंदी बनाया था तब केजरीवाल ने कहा की अन्ना को साधारण मुजरिमों के साथ रखा गया है | जांच के बाद यह बात झूठ साबित हुई तथा यह बात स्वयं केजरीवाल को इण्डिया टुडे एन्क्लेव में स्वीकारनी पड़ी |

• गुजरात के दौरे पे केजरीवाल जब जानबूझ कर अचार संहिता का उल्लंघन करते पकडे गए तो उन्होंने सरासर झूठ बोल दिया की उन्होंने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है | बाद में जांच से पता चला की केजरीवाल झूठ बोल रहे थे , तत्पश्चात उनपे प्राथमिकी दर्ज करायी गयी |

• जब आआपा के कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय में दंगा फसाद किया तब केजरीवाल ने कहा की इसमें आआपा के कार्यकर्ताओं का कोई हाथ नहीं | कैमरे की फुटेज देखने से यह साफ़ हो गया की केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं | आआपा नेता आशुतोष और तिलक नगर के विधायक जरनैल सिंह अपने समर्थको के साथ बीजेपी कार्यालय में स्वयं तोड़ फोड़ करते देखे गए | यही नहीं, आआपा ने सभी कार्यकर्ताओं को एकत्रित होने के लिए हजारों की संख्या में SMS भेजे थे |

• दिल्ली के मुख्यमंत्री बनाने के बाद जब केजरीवाल ने धरना किया तब आरोप लगाया की उनके कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलस ने चाय तक नहीं पीने दी, सुलभ शौचालय बंद करवा दिए | बाद में उनके कार्यकर्ता न सिर्फ चाय बल्कि शराब आदि का सेवन करते भी पकडे गए |

• केजरीवाल ने कहा की वह आम आदमी है और सभी आमजनो से मिलने के लिए कभी भी उपलब्ध है | सच तो ये है की उनसे मिलने के लिए 20,000 से ऊपर खर्चने पड़ते हैं !

• केजरीवाल ने कहा था दिल्ली में उसकी सरकार बनते ही 15 दिनों के भीतर जनलोकपाल बिल पास कराया जायेगा , ऐसा कुछ भी नहीं किया गया | वो यह बोल कर पीछे हट गए की भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अंतर्गत वह दिल्ली विधान सभा में यह विधेयक पास नहीं कर पा रहे | सच्चाई तो यह है की यह दिशानिर्देश बहुत पहले दिया जा चूका था ! अपने झूठे वादे करते समय केजरीवाल को इस निर्देश के बारे में भली भाँती ज्ञात था, फिर भी मात्र वोट लेने के चक्कर में सभी को झूठ बोला | केजरीवाल ने जनलोकपाल का ड्राफ्ट विधायको को पढने के लिए नहीं दिया ! दिल्ली में पहले से ही लागू लोकायुक्त कानून को अमेंड नहीं किया !

• राहुल कँवल (आज तक) को केजरीवाल ने कहा की मिडिया उन्हें कवरेज नहीं देती ! जब राहुल कँवल ने याद दिलाया की एक हफ्ते पहले ही केजरीवाल का साक्षात्कार प्रदर्शित किया गया था, तब आखिरकार केजरीवाल को अपना झूठ मानना पड़ा ! फिर भी अपने आप को लाचार एवं बेचारा दिखाने की आदत गयी नहीं |

• केजरीवाल जी कहते हैं की उन्होंने एक किताब लिखी है जिसका नाम है "स्वराज" लेकिन सच्चाई यह है की अजय पल नागर द्वारा लिखी गयी "स्वराज" से सारी बातें चुरा कर स्वयं की किताब लिख डाली और नागर जी का नाम तक नहीं लिखा !

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नई दिल्ली: मशहूर हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर और खेल दिवस के मौके पर महिला हॉकी के लिए अच्छी खबर आई है। महिला हॉकी टीम ने 2016 रियो ओलिंपिक के लिए क्वालिफ़ाई कर लिया है। इतिहास में ये दूसरा मौका है जब भारतीय महिला टीम ओलंपिक में शामिल होंगी।

इस साल जुलाई में हुए हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफ़ाइनल्स में पांचवें स्थान पर आने के बाद महिला टीम से उम्मीद की जा रही थी कि वो ओलिंपिक के लिए क्वालिफ़ाई करेंगी। लेकिन फाइनल में नीदरलैंड्स और इंग्लैंड के यूरो हॉकी चैंपियनशीप के फाइनल में पहुंचने का फायदा भी भारतीय टीम को मिला और टीम को ओलंपिक में जगह मिल गई। ये दूसरी बार है जब भारतीय महिला टीम ने ओलिंपिक में खेलेगी।

इससे पहले 1980 में भारतीय महिला हॉकी टीम ओलिंपिक खेली जरूर थी लेकिन तब उसने क्वालिफाई नहीं किया था, लेकिन उसे मौका मिला था। यह मौका भी इसलिए मिला था क्योंकि कुछ टीमें पुलऑउट कर गई थीं। इसमें भारतीय महिला हॉकी टीम चौथे स्थान पर रही थीं।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने भारतीय टीम को फेसबुक पर संदेश लिखकर बधाई दी है।

पटना : बिहार चुनाव को लेकर कल होनेवाली महागठबंधन रैली से पहले आज पटना में राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि रैली में किसी तरह का नाच गाना नहीं होगा। इसके बाद लालू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम ने खून में खराबी की बात क8ही जिससे पूरा बिहार आहत हुआ।

गौरतलब है कि कल की रैली में सोनिया गांधी भी शामिल होने जा रही हैं। अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाजवादी पार्टी की नाराजगी पर भी लालू ने सफाई दी उन्होंने कहा कि हमने मुलायम को पांच सीटों पर लड़ने का प्रस्ताव दिया है जिनमें से दो सीटें वो अपनी पार्टी के कोटे से दे रहे हैं।

लालू ने कहा कि देश तानाशाही की ओर जा रहा है। यह बिहार का चुनाव नहीं पूरे देश को बचाने का चुनाव है। छोटी मोटी बातों को नीजि स्वार्थ को तिलांजलि देकर महागठबंधन के नेता चुनाव और स्वाभिमान रैली मे बढ़कर हिस्सा लें। लालू ने पीएम मोदी की डीएनए की बात पर कहा की पीएम ने बिहार के सीएम पर कहा की इनके खून में खराबी है। सब गठबंधन वाले नेतों से मेरी अपील है की छोटी मोटी बातों को दूर रख के सब साथ आएं।

नई दिल्ली/तिरूवनंतपुरम:  पिछले साल लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस खुद का एक नेशनल टीवी चैनल लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है। पार्टी के बड़े नेताओं का मानना है कि टीवी चैनल लाने से पार्टी और जनता के बीच कम्युनिकेशन गैप कम करने में मदद मिलेगी। लोकसभा चुनाव में हार का विश्लेषण करने वाली पार्टी की जांच कमिटी के अध्यक्ष ए.के. एंटनी ने माना है कि टीवी चैनल लाने पर पार्टी के भीतर चर्चा चल रही है।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी टीवी चैनल लाने का केरल मॉडल पसंद आया है जहां साल 2007 से पार्टी का ‘जयहिंद’ नाम से पार्टी का अपना टीवी चैनल चल रहा है, और इसके अच्छे नतीजे मिले हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केरल के सीएम ओमन चांडी और गृह मंत्री रमेश चेन्नीथाला टीवी चैनल लाने के बारे में एक डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं जिसे सोनिया गांधी को सौंपा जाएगा। एंटनी के मुताबिक, पार्टी के अंदर इस बात के लिए मांग चल रही है कि एक नेशनल टीवी चैनल लॉन्च किया जाए ताकि पार्टी और जनता के बीच दूरियों को कम किया जा सके।

कांग्रेस नेताओं को लगता है कि पिछले आम चुनाव के दौरान पार्टी और जनता के बीच कम्युनिकेशन गैप था। पार्टी अपनी कामयाबियों और योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में नाकाम रही। एंटनी खुद इस बात को मानते हैं कि बीजेपी, कांग्रेस और जनता के बीच कम्युनिकेशन गैप को अपने फेवर में करने में कामयाब रही।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को लगता है कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी पार्टी और जनता के बीच कम्युनिकेशन गैप बना हुआ है। कुछ नेता मानते हैं कि संसद में चल रहे हंगामे के लिए बीजेपी कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने में कामयाब हो रही है।

केरल में कांग्रेस के सीनियर लीडर और पार्टी के टीवी चैनल ‘जयहिंद’ के मैनेजिंग डाइरेक्टर एम.एम. हासन ने कहा, “प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का काम चल रहा है और इसे जल्द ही पार्टी प्रेसिडेंट को सौंपा जाएगा।” वैसे, जयहिंद टीवी चैनल की सक्सेस के बाद कांग्रेस केरल में एक एंटरटेनमेंट टीवी चैनल लाने की भी प्लानिंग कर रही है।

भारत को जानने के लिए गांवों को जानना जरूरी है जहां बसती है भारती की आत्मा। दुनिया भारत को अपनी आंखों से जानना समझना चाहती है। लिहाजा बुंदेलखंड इलाके के गांवों में भारत को जानने समझने के लिए घुम रहे इन चार छात्रों के मन में ये विचार अनायास नहीं आया। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की बनावट को गहराई से समझ रहे दुनिया के अलग अलग मुल्कों से आए इन छात्रों का कहना है “गांवों को समझने का हमारा ये प्रयोग बहुत उपयोगी और मनोरंजक रहा इसलिए भी क्योंकि ये बहुत चुनौतीपूर्ण था और हमें इस देश के स्थानीय परंपराओं को अपनाना था। इस दौरान हमें अनेकों दिलचस्प लोगों से मिलने का मौका मिला जिनसे हम आगे भी जुड़े रहेंगे। इस दौरान हमें खुद ही फैसले लेने का भी अनुभव हासिल हुआ। कुल मिलाकर हमारा मानना है कि ये हमारे कैरियर को लेकर बेहद उपयोगी रहा साथ ही भारत लौट कर आने और यहां काम करने की दिशा में सोचने के लिए गहराई तक प्रेरित कर रहा है।“ 

पेरिस में प्रबंधन की पढ़ाई कर रहे 22 साल की लेबनान की छोले एबडेस्साटेर, 21 साल के फ्रांस की हेलेने इवेन और योलेने ग्रास्सेलीन और यूनान के 22 वर्षीय वेसिलियोस थियोडोरूउ के लिए ये दौरा बेहद मनोरंजक और खास रहा। ठेठ गंवई अंदाज में दशहरी आम का मजा लेना, आगरा, खजुराहो जैसे पर्यटक स्थलों पर बिंदास घुमते हुए फोटोग्राफी का आनंद भारत के इस दौरे को इनके लिए बेहद अहम बनाता है। गांवों में घुमते लोगों से बतियाते भारतीय संस्कृति को गहराई से जानने समझने का ये मौका इन युवाओं को अभिभूत कर रहा है। 

प्रबंधन के इन छात्रों को पढ़ाई के दौरान रिसर्च करने की जिम्मेदारी निभानी थी। लेकिन भारत के गांवों में घुमते ये जिम्मेदारी इतनी मनोरंजक, अनुभव के नए आयाम खोलने वाला होगा इसकी जरा सी भी भनक भारत आने से पहले इनको नहीं थी। हेलेन इवेन कुछ साल पहले भी भारत आई थी लेकिन बांकि तीनों छात्रों के लिए ये भारत का पहला दौरा था। छोले ऐबडेस्साटेर बताते हैं “ इस खुबसुरत देश की ये हमारी पहली यात्रा थी। ये बहुत ही मनोरंजक और अभिनव अनुभव रहा। शुरूआत में थोड़ा चुनौतिपूर्ण लगा लेकिन बाद में यहां के लोगों के दोस्ताना और सहयोगपूर्ण व्यवहार की वजह से हम बहुत तेजी से यहां के अनुकूल होते गए”। 

ये युवा पेरिस में स्थित यूरोप के एक शीर्ष प्रबंधन संस्थान एचईसी के छात्र हैं। भारत स्थित एक एनजीओ डेवलेंपमेंट अल्टर्नेटिव की मदद से भारत के गांवों से जुड़े अपने रिसर्च और फिल्ड वर्क पुरा करने में इनके लिए अनुभवों का एक नया पिटारा खुला। योलोन ग्रास्सलीन बताते हैं “हम फिल्ड वर्क को समझने और महिलाओं में साक्षरता बढ़ाने वाली तारा अक्षर कार्यक्रम के सामाजिक प्रभाव का समझने आए थे। ग्रामीणों के साथ वक्त बिताना हमारे लिए बहुत उपयोगी रहा।